मध्यप्रदेश के करीब डेढ़ लाख संविदा कर्मचारियों को सालाना कॉन्ट्रैक्ट कल्चर से मुक्ति मिल गई है. आज भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित संविदा कर्मचारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, आप लोग चाहे स्वास्थ्य विभाग से हों, ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग, नगरीय विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पीडब्ल्यूडी, कृषि विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से हों, शिक्षा विभाग से हों, आप सभी ने बहुत अद्भुत काम किया है.

सीएम शिवराज ने आगे कहा, मुझे कहने में कोई हिचक नहीं है कि आप लोगों ने नियमित कर्मचारी से कदम से कदम मिलाकर काम किया है और जरूरत पड़ी तो उनसे ज्यादा काम करके भी दिखाया है. मैं कोरोना काल में मुख्यमंत्री बना था और उस समय आप लोगों ने अपनी जान की बाजी लगाकर जनता की जिंदगी बचाने में जी जान एक कर दिया. उस समय अद्भुत काम करने के लिए आप सब लोगों को प्रणाम करता हूं.

संविदा कर्मचारियों के हित में की गई मुख्य घोषणाएं-

1. संविदा कर्मचारियों की सेवाएं प्रतिवर्ष रिनुअल की प्रक्रिया समाप्त होगी.
2. नेशनल पेंशन स्कीम का लाभ दिया जाएगा.
3. स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा.
4. संविदा कर्मचारियों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ भी मिलेगा.
5. संविदा कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर ग्रेजुएटी की व्यवस्था रहेगी.
6. नियमित पदों पर भर्ती में संविदा कर्मचारियों को 50% पदों पर आरक्षण रहेगा.
7. नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश के साथ मातृत्व अवकाश भी प्रदान किया जाएगा.
8. संविदा कर्मचारियों को आकस्मिक अवकाश अर्जित अवकाश अवकाश नियमित कर्मचारियों की तरह मिलेगा.
9. संविदा कर्मचारियों के काटे गए वेतन की राशि वापस की जाएगी.

अपने संबोधन में सीएम शिवराज ने बताया कि

-आज मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है. हमारी इस साल विकास दर 16 प्रतिशत से ज्यादा है. जबकि पिछले साल तो 19 प्रतिशत थी, हम देश में नंबर-1 हैं. मध्यप्रदेश की पर कैपिटी इनकम बढ़ रही है. बजट का साइज बढ़ रहा है. सड़कों का जाल बिछ रहा, स्वास्थ्य केंद्रों की श्रृंखला, सिंचाई की सुविधाओं का विस्तार हो रहा है.

-पीने के पानी का इंतजाम, ग्रामीण सड़कें, सीएम राइज स्कूलों में सभी विभाग ने बढ़-चढ़कर काम किया और अब हमारा मध्यप्रदेश हिंदुस्तान में सम्मानजनक मुकाम बनाने में सफल हुआ है. आप लोगों की क्षमता और कार्यकुशलता नियमित कर्मचारियों से रत्ती भर भी कम नहीं है, बल्कि कई मामले में ज्यादा है. तकनीकी मामले में आप लोग काफी आगे हैं. आप लोगों में सेवा का भाव है.

-आप मेरे बाएं-दाएं हाथ के साथ-साथ मेरे दिल भी हैं. चाहे एएनएम, स्टाफ नर्स, लैब टैक्निशियन, फार्मासिस्ट हों या चाहे गर्मी, बरसात और रात-दिन का भेद मिटाकर मध्यप्रदेश को उजाला देने वाले हमारे विद्युत विभाग के संविदा कर्मचारी, पंचायत विभाग के कर्मचारी, शिक्षा, खेलकूद एवं युवा कल्याण के हों, आप सबने अपने-अपने कामों को बेहतर तरीके से अंजाम देकर मध्यप्रदेश की इज्जत, सम्मान बढ़ाया है.

-मध्यप्रदेश का आज जो भव्य स्वरूप बनकर तैयार हो रहा है, उसकी नींव के पत्थर हैं हमारे संविदाकर्मी हैं. भांजे-भांजियों, मैं तुम्हारी जिंदगी से अनिश्चितता समाप्त करने आया हूं. मैं फैसला कर रहा हूं कि संविदा कर्मचारियों की प्रतिवर्ष अनुबंध की प्रक्रिया समाप्त की जाती है.

-गर्दन पर तलवार लटकाकर ये कहना कि काम कर, नहीं तो गर्दन कटी ये मानवीय कृत्य नहीं है. कई लोगों ने तर्क दिए कि संविदाकर्मी काम इसीलिए करते हैं कि अगर एक साल में अनुबंध खत्म हो गया तो दोबारा रिन्यूअल नहीं होगा. मैं फैसला कर रहा हूँ कि संविदा कर्मचारियों की प्रतिवर्ष अनुबंध की प्रक्रिया समाप्त की जाती है. मुझे विश्वास है कि आप पहले से भी ज्यादा ईमानदारी से काम करोगे.

-हम तय कर रहे हैं कि नेशनल पेंशन स्कीम का लाभ सभी को दिया जाएगा. ताकि हमारे रिटायरमेंट के बाद कुछ चीज ऐसी होना चाहिए, जिससे हम अपना बुढ़ापा आसानी से गुजार सकें. पिछली बार बात 90% की हुई थी लेकिन अब 100% केलकुलेशन मानकर सारा काम किया जाएगा.