मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने गुरुवार देर रात उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की। सूची में 88 उम्मीदवारों के नामों का एलान किया गया। इस लिस्ट के साथ ही भोपाल की सातों सीटों पर कांग्रेस के नाम फाइनल हो गए हैं। दूसरी लिस्ट में भोपाल की चार सीटों के नाम भी घोषित कर दिए गए हैं लेकिन तीन सीटों पर कांग्रेस में असंतोष की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। 

लिस्ट में भोपाल उत्तर से विधायक आरिफ अकील के बेटेआतिफ अकील को, भोपाल दक्षिण-पश्चिम से पीसी शर्मा और गोविंदपुरा से रवींद्र साहू को टिकट दिया गया है। हुजूर में सिंधी वोटर्स के जातिगत समीकरण को ध्यान में रखकर पिछली बार चुनाव हार चुके नरेश ज्ञानचंदानी पर फिर भरोसा किया गया है।

भोपाल उत्तर में कांग्रेस ने 2018 में बड़ी जीत हासिल की थी लेकिन इस बार विधायक आरिफ अकील स्वास्थ्य कारणों से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। ऐसे में टिकट उनके बेटे आतिफ अकील को दिया गया है। बड़ी बात यह है कि आरिफ अकील के भाई आमिर अकील भी इस सीट पर अपना दावा ठोक रहे थे। उन्होंने हाल ही में एक बड़ी  रैली भी निकाली थी।  ऐसे में आतिफ का सियासी भविष्य बहुत हद तक चाचा आमिर अकील के रुख पर भी निर्भर करेगा।

वहीं दक्षिण पश्चिम में टिकट में देरी का  कारण ही कांग्रेस से संजीव सक्सेना की उम्मीदवारी को भी बताया जा रहा था। अब टिकट लेने में तो पीसी शर्मा कामयाब हो गए हैं लेकिन संजीव सक्सेना के अगला कदम इस सीट के चुनाव को जरूर प्रभावित करेगा। संजीव सक्सेना ने बीते चुनाव में भी बागी तेवर दिखाए  थे लें समझाइश के बाद उन्होंने अपने कदम पीछे खींच लिए थे।

वहीं हुजूर सीट पर पिछला चुनाव हार चुके नरेश ज्ञानचंदानी पर पार्टी ने फिर भरोसा जताया है। यहां भाजपा से कांग्रेस में आए पूर्व विधायक जितेंद्र डागा भी टिकट चाह रहे थे। अब डागा से नरेश ज्ञानचंदानी को कितना समर्थन मिलेगा यह देखने की बात है। नरेश ज्ञानचंदानी के लिए वैसे भी भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का ये गढ़ भेदना आसान नहीं माना जा रहा है।