मप्र में विधानसभा चुनाव से चार महीने पहले कांग्रेस ने ग्वालियर किले पर 'चढ़ाई' शुरू कर दी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जनआक्रोश रैली में प्रधानमंत्री मोदी को सीधे निशाने पर लिया और कहा कि हमारी राजनीति की नींव आजादी के इतिहास से जुड़ी है। यह सत्यता सरलता, सादगी का आग्रह करती है। लेकिन आजकल भौकाल की राजनीति चल रही है। शानो शौकत राजनीति पर हावी है। जबकि जरूरत है कि यहां-वहां के मुद्दों पर बात करने की बजाए मूलभूत मुद्दों पर बात की जाए। मगर मोदी ने विपक्ष के नेताओं को चोर कहकर अपमानित किया। जबकि विपक्ष के नेता जनता के मुद्दे उठाकर यहां तक पहुंचे। महंगाई बेरोजगारी से लेकर मणिपुर में हिंसा पर भी मोदी चुप रहे जब वीडियो वायरल हुआ तो मोदी को बोलना पड़ा।
मप्र की शिवराज सरकार पर हमला करते हुए प्रियंका ने कहा कि मप्र में घोटाले पर घोटाले हो रहे हैं। यहां घोटालों की लिस्ट बहुत लंबी है। हाल में पटवारी परीक्षा में घोटाला हो गया। तीन साल में महज 21 सरकारी नौकरी दी । इन्होंने मप्र में हमारी सरकार गिराई और अब घोटाले जारी हैं।
18 साल की सरकार के अहंकार होता है और आसपास के अफसर भी सही बात नहीं पहुंचाते। प्रियंका ने कहा कि मप्र में सत्ता का अहंकार है । यदि यह गलत इंसान के हाथ में जाती है। तो इसी तरह की हालत होती है। यहां महंगाई बेरोजगारी है और इससे समाज में तनाव बढता है। यहां आदिवासियों दलितों के साथ शर्मनाक हरकत अत्याचार हो रहे हैं। उनका निशाना भाजपा की शिवराज सरकार से लेकर परोक्ष तौर पर सिंधिया तक रहा। उन्होंने कहा कैसे सिंधिया की विचारधारा बदली, मैं इस पर बोलने की बजाय मूल समस्याओं पर बात करूंगी। प्रियंका ने 500 में गेस सिलेण्डर, किसान कर्ज माफी सस्ती बिजली समेत पार्टी की फाईव गारंटी का वादा दोहराया। इससे पहले उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर माथा भी टेका। कमलनाथ ने कहा मैं न तो मामा हूं और न ही महाराज हूं बल्कि सामान्य आदमी हूं। भाजपा सरकार मप्र में लगातार लोगों से झूठ बोल रही है।
शिवराज ने उठाए नाथ सरकार पर सवाल
इधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज प्रियंका गांधी के दौरे से पहले मप्र में कांग्रेस की पंद्रह महीने की सरकार के कामकाज पर सवाल उठाये, उन्होंने बेरोजगारी भत्ता बंद करने से लेकर अन्य कई योजनाओं का जिक्र किया। वहीं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रियंका गांधी ग्वालियर आ रही हैं उनका स्वागत है, पर प्रियंका को इस बात का जवाब देना चाहिए पिछली बार जनादेश लेकर ग्वालियर की जनता की पीठ पर छुरा क्यों घोंपा, जनता से सरोकार रखने वाले सिंधिया के नाम पर वोट मांगे कमलनाथ को सीएम क्यों बनाया क्यों?