मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की चौथी सूची के बाद से संघ से जुड़े दो मंत्रियों के भी टिकट पर पेंच फंस गया है। संघ में मजबूत पैठ रखने वाले इन दो मंत्रियों को चौथी सूची में जगह नहीं मिलने के बाद यह माना जा रहा है कि दोनों मंत्रियों की सीट बदली जा सकती है।
शुजालपुर से विधायक एवं राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार और महू से विधायक एवं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर को लेकर बनी पसोपेश की स्थिति में यह बात सामने आ रही है कि संघ से नज़दीकियों के चलते इन मंत्रियों का टिकट कटना तो मुश्किल है लेकिन इनकी सीट जरूर बदली जा सकती है।
बताया जा रहा है कि मंत्री इंदर सिंह परमार को उनकी सीट शुजालपुर की जगह पर कालापीपल से चुनाव लड़ाया जा सकता है। वे एक बार कालापीपल से विधायक रह चुके हैं। यहां पर कांग्रेस के विधायक कुणाल चौधरी का टिकट तय माना जा रहा है।
वहीं महू से विधायक एवं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर की सीट भी बदले जाने की संभावना बताई जा रही है। उषा ठाकुर 2003 में इंदौर एक से 2013 में इंदौर तीन से विधायक रह चुकी है। इसके बाद उन्हें पिछला चुनाव महू से लड़ाया गया था।
सात बार के विधायक और दो बार के सांसद और प्रदेश सरकार के मंत्री गौरीशंकर बिसेन का टिकट भी खतरे में बताया जा रहा है। वे अपनी बेटी मौसम बिसेन को बालघाट से टिकट दिलाने की इच्छा रखते हैं। उन्हें पिछले महीने ही मंत्री बनाया गया था। वे भाजपा के सबसे सीनियर विधायकों में शुमार हैं।