भोपाल: प्रदेश के कारखानों का श्रम विभाग से लायसेंस अब लायसेंस की मंजूरी दिनांक से दस साल तक के लिये मिलेगा। यह नया प्रावधान राज्य सरकार ने कारखाना नियम 1962 में बदलाव कर स्थापित किया है। अगले साल 9 जनवरी के बाद प्रभावशील हो जायेगा।

श्रम विभाग के डायरेक्टर इण्डस्ट्रीयल हेल्थ शिरिष वाडीकर ने बताया कि वर्तमान में प्रावधान है कि लायसेंस की अवधि 31 दिसम्बर तक प्रभावशील रहेगी। इससे हो यह रहा था कि यदि किसी कारखाने का लायसेंस 30 सितम्बर को मंजूर हुआ है तो उसे तीन माह बाद यानि 31 दिसम्बर के बाद पुन: लायसेंस बनवाना पड़ता था।

लेकिन अब नया प्रावधान किया गया है कि जिस तारीख को कारखाने का लायसेंस बना है, उस तारीख से अगले एक वर्ष से लेकर 10 साल पूरा होने तक की तारीख तक लायसेंस की वैधता रहेगी, क्योंकि अब श्रम विभाग ने एक से दस साल तक की अवधि तक लायसेंस लेने का प्रावधान कर दिया है जिससे हर साल कारखानों को लायसेंस बनवाने का झंझट नहीं हो।

कारखानों को हर साल के हिसाब से फीस भी लायसेंस लेने के लिये भरना होगी। यह सब ईज ऑफ डूईंग बिजनेस यानि सहज व्यवसाय के लिये किया गया है।

उल्लेखनीय है कि जनवरी माह में ही ग्लोबल इन्वेस्टर मीट एवं अप्रवासी भारतीय सम्मेलन इंदौर में होने जा रहा है, जिसके लिये अभी से राज्य सरकार द्वारा उद्योगपतियों को यह नई सुविधा देने की तैयारी की जा रही है।