वन विभाग ने वनों की सुरक्षा हेतु एसएएफ की तीन अतिरिक्त कंपनियां मांगी


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स्टोरी हाइलाइट्स

चूंकि वनकर्मियों को बंदूक चलाने का अधिकार नहीं दिया गया है, इसलिये वन विभाग ने एसएएफ की तीन अतिरिक्त कंपनियों को देने की और मांग की है..!!

भोपाल: राज्य के वन विभाग ने मंत्रालय में दिये एक उच्च स्तरीय प्रेजेन्टेशन में एसएएफ की तीन अतिरित कंपनियां मांगी हैं। वर्तमान में एसएएफ की तीन कंपनियां क्रमश: आठवीं वाहिनी छिन्दवाड़ा, 15 वीं वाहिनी इंदौर एवं 26 वीं वाहिनी गुना के 221 सशस्त्र अधिकारी एवं कर्मचारी वन क्षेत्र में पदस्थ हैं जिन्हें 14 संवेदनशील वनमंडलों में संलग्न किया गया है। चूंकि वनकर्मियों को बंदूक चलाने का अधिकार नहीं दिया गया है, इसलिये वन विभाग ने एसएएफ की तीन अतिरिक्त कंपनियों को देने की और मांग की है।

इसी प्रकार, प्रेजेन्टेशन में वन अधिकारियों को पुलिस की तरह वाहनों में बीकन लाईन लाइट लगाने, वन्य प्राणी के हमले में जनहानि होने पर 12 लाख रुपये हर्जाना देने, वन कर्मचारियों को पुलिस की तरह 13 माह का वेतन देने, पौष्टिक आहार भत्ता देने एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थी पर पुलिस की तरह नक्सल भत्ता देने की भी मांग की है जिससे वन कर्मियों का मनोबल बढ़ सके।