भोपाल: प्रदेश के नेशनल एवं स्टेट हाईवे की बीच में सेंट्रल वर्ज तथा किनारों और पास की वनविहीन पहाडिय़ों पर अब राज्य का वन विभाग हरा-भरा करायेगा। इसके लिये वन विभाग के कैम्प फण्ड से धनराशि लेकर लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध कराई जायेगी। यह निर्णय मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने कैंम्पा फण्ड की वर्ष 2023-24 की वार्षिक कार्य योजना बैठक में लिया है। बैठक में अगले वित्तीय वर्ष हेतु केंद्र सरकार के कैम्पा फण्ड से 1122 करोड़ 50 लाख रुपये लेने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
बैठक में कहा गया है कि वन विहीन पहाडिय़ों को हरा-भरा करने हेतु प्रस्तावित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सडक़ मार्गों के किनारों की पहाडिय़ों को प्राथमिकता दी जाये तथा देवास जिले में नेशनल हाईवे के समीप की पहाडिय़ों को भी इसके अंतर्गत शामिल किया जाये।
वृक्षारोपण की ड्रोन से जांच होगी :
बैठक में कहा गया है कि कैम्पा अंतर्गत किये जा रहे वृक्षारोपण, जलग्रहण क्षेत्र उपचार आदि के कार्यों के मूल्यांकन एवं अनुश्रवण हेतु ड्रोन का उपयोग किया जाये और इसके लिये राज्य इलेक्ट्रानिक विकास निगम का सहयोग लिया जाये। इसके अलावा, वन भूमि के डायवर्सन के प्रस्तावों की शीघ्र स्वीकृति के लिये छोटे-बड़े झाड़ के जंगल एवं राजस्व भूमि की जानकारी लैंड बैंक के रुप में तैयार कर रखी जाये।
ये भी हुये निर्णय :
कैम्पा फण्ड से बांस रोपण का लक्ष्य 4100 हैक्टेयर से बढ़ाकर 5100 हैक्टेयर किया जाये। सोलर लाईट के प्रस्तावों में पांच प्रतिशत राशि रखरखाव हेतु भी आवश्यक रुप से शामिल की जाये। कैम्पा अंतर्गत किये गये कार्यों का थर्ड पार्टी इन्स्पेक्शन हेतु अटल सुशासन स्कूल को नियुक्त किया जाये जो भारतीय वन प्रबंध संस्थान की इसमें मदद ले सकेगा।
वन सुरक्षा हेतु क्षेत्रीय अधिकारियों के लिये किराये के वाहन मुख्यालय द्वारा निर्धारित मासिक सीमा अंतर्गत स्थानीय स्तर यानि वन वृत्त/वनमंडल पर ही प्रक्रिया निर्धारित कर नियोजित की जाये। गुजरात मॉडल पर मप्र में भी सांस्कृतिक वन बनाये जाने हेतु कैम्पा फण्ड से राशि स्वीकृत की जाये।