ग्वालियर में 11वीं कक्षा की एक छात्रा की बीच सड़क पर गोली मारकर हत्या कर दी गई है। छात्रा अपनी सहेली के साथ एक्टिवा पर अपने जन्मदिन की शॉपिंग करके घर लौट रही थी। जब वह सिंधी कॉलोनी के पास मुख्य सड़क पर पहुंची तभी पीछे से आए बाइक सवार हमलावरों ने उनके सामने गाड़ी रोकी और कट्टे से गोली मार दी। गोली लड़की के सीने और बांह में लगी।

छात्रा राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुरेंद्र सिंह यादव की पोती है। हमलावर तीन से चार बताए जा रहे हैं। वे छात्रा की सहेली को मारने आये थे। लेकिन गोली छात्रा को लगी। हत्या का शक सुमित रावत और उसके साथियों पर है। परिजनों के मुताबिक, सुमित दोनों छात्राओं को काफी समय से परेशान कर रहा था। पुलिस सुमित की तलाश में छापेमारी कर रही है।

घटना मैस्कॉट अस्पताल के पास तिलक नगर की है। 12 जुलाई को लड़की का जन्मदिन था। इसी वजह से उसने अपने लिए कपड़े खरीदने के लिए अपने पिता से पैसे भी लिए थे। शहर के सिकंदर कंपू इलाके में रहने वाले शैलेन्द्र सिंह यादव की बेटी अक्षया (19) लक्ष्मीबाई कॉलोनी में कोचिंग करने जाती थी। उनके पड़ोस में ही सोनाक्षी शर्मा रहती हैं। सोमवार की शाम दोनों एक साथ कोचिंग के लिए निकली थीं। वह बाज़ार गई और कपड़े खरीदे और फिर घर आ गई। एक्टिवा अक्षया चला रही थीं। सोनाक्षी पीछे बैठी थी।

मैस्कॉट हॉस्पिटल चौराहे से निकलकर दोनों तिलक नगर के पास पहुंचीं, तभी बाइक पर पीछे बैठे बदमाशों ने एक के बाद एक दो गोलियां चलाईं। एक गोली अक्षया के हाथ में और दूसरी सीने में लगी। स्थानीय लोग घायल छात्रा और उसकी दोस्त को ऑटो से जेएएच के ट्रॉमा सेंटर ले गए। पुलिस और छात्राओं के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। डॉक्टरों के इलाज शुरू करने से पहले ही अक्षया की मौत हो गई।

फायरिंग के बाद हमलावर सिंधी कॉलोनी तिराहे की ओर भाग गए। शायद वे दोनों छात्राओं का पीछा करते-करते आए थे। घायल छात्रा को अस्पताल ले जाने पर पहले डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जब छात्रा को मृतक के घर ले जाया जा रहा था, तभी उसके पिता शैलेन्द्र सिंह और मां बेटी के पास पहुंचे और डॉक्टर को बताया कि अक्षय की सांसें चल रही हैं। इस पर डॉक्टर उसे ट्रॉमा सेंटर ले गए। इस बीच एसपी राजेश सिंह चंदेल, एएसपी राजेश दंडोतिया भी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर ने बच्ची की दोबारा जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया।