मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर घमासान जारी है। सत्ताधारी दल बीजेपी के साथ-साथ अन्य विपक्षी दल भी चुनावी मैदान में अपने उम्मीदवार उतार रहे हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए एक साथ आकर I.N.D.I.A. गठबंधन बनायाथा, लेकिन चुनावी समर में साथ चलने का दम भरने वाला इंडिया गठबंधन चुनावी समर के शुरुआत में ही बिखरता नज़र आ रहा है।
अब इस पूरे घटनाक्रम पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज़ कसा है। सीएम शिवराज का कहना है, कि घमंडिया गठबंधन की हालत - दिल्ली में दोस्ती, राज्यों में कुश्ती जारी है। साथ ही सीएम शिवराज ने पीसीसी चीफ कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर भी तंज कसा है। उनका कहना है, कि कांग्रेस की टिकट वितरण की स्थिति ऐसी है कि कुछ कमल नाथ जी ले गए कुछ दिग्विजय जी ले गए, बाकी हाथ मलते रह गए।
वहीं अखिलेश के बयान पर राजनीतिक गलियारों में मिली-जुली प्रतिक्रिया आ रही है। कुछ लोगों का मानना है कि यह गठबंधन ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाएगा। इस 'I.N.D.I.A.' गठबंधन में शामिल पार्टियां पहले से ही एक दूसरे के विरोध में हैं। कुछ लोग अखिलेश के इस बयान को अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले ब्रेकअप कॉल के तौर पर देख रहे हैं।
दरअसल समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ये उम्मीद लगाए बैठे थे, कि कांग्रेस मध्यप्रदेश में भी I.N.D.I.A. गठबंधन के सदस्यों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। लेकिन कांग्रेस ने एक के बाद एक कांग्रेस ने उमीदवारों की लिस्ट जारी करके इंडिया गठबंधन के साथी दलों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। साथ ही एमपी में सपा के साथ चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया।
कांग्रेस नेताओं के मध्यप्रदेश में सपा के साथ गठबंधन न करने के बयान से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव नाराज हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि वह इसका जवाब यूपी में लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे के दौरान देंगे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर बीजेपी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया।अखिलेश यादव ने कांग्रेस को चेतावनी दी है कि उनकी पार्टी यूपी में लोकसभा चुनाव के दौरान सीट बंटवारे पर सबसे पुरानी पार्टी को 'जैसे को तैसा' जवाब देगी। अखिलेश यादव ने गुरुवार को कांग्रेस नेतृत्व से कहा कि वह मध्य प्रदेश में अपने 'छोटे' नेताओं को बेकार बयान देने से रोकें।