भोपाल के प्रस्तावित मास्टर प्लान 2031 को लेकर विरोध के स्वर सामने आ रहे हैं। बड़ी बात यह है कि विपक्ष ही नहीं बल्कि भाजपा विधायक प्रस्तावित मास्टर प्लान 2031 को उच्च वर्ग का मास्टर प्लान करार दे रहे हैं। जिससे सरकार के सामने संशय की स्थिति बन गई है। 

भोपाल की हुज़ूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामेश्वर शर्मा ने मास्टर प्लान को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि यह मास्टर प्लान गांव, गरीब, किसान और मध्यम वर्ग के सुनहरे भविष्य को ध्यान में रखकर ड्राफ्ट तैयार नही किया गया है। प्रस्तावित मास्टर प्लान 2031 केवल  उच्च वर्ग का मास्टर प्लान दिखाई दे रहा है। इसमें अनेक विसंगतियां हैं जिसपर पुनर्विचार की जरूरत है।

विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, 'मास्टर प्लान 2031 के ड्राफ्ट में केचमेंट को ग्रीन बेल्ट में दर्शाया गया साथ ही तालाब का क्षेत्रफल 200 हेक्टेयर पहले और अधिक दर्शाया गया है यह किस नियम के तहत किया गया इसका आधार क्या ? कैचमेंट क्षेत्र के किसान परिवार जो पीढ़ी से इस क्षेत्र में निवासरत हैं कृषि पर आधारित होकर अपना जीवन यापन कर रहें है उनकी कृषि भूमि को ग्रीन बेल्ट में दर्शाया जाने का निर्णय पर मेरी घोर आपत्ती है। इसमे तत्काल सुधार करने की जरूरत है।'

विधायक रामेश्वर शर्मा के मुताबिक़ पहले जोन वार मास्टर प्लान बनाया जाना चाहिए उसके बाद भोपाल का मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार किया जाना चाहिए । किसी एक विशेष क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार कर लेने से सम्पूर्ण भोपाल का भला होगा ऐसा संभव नही है।