राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लिए सरकार सकंल्पित, संसाधनों की नहीं आएगी कमी


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स्टोरी हाइलाइट्स

'भारतीय ज्ञान परम्परा-विविध संदर्भ' पर दो दिवसीय वर्कशॉप में बोले CM मोहन यादव..!!

उच्च शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को आगे ले जाने की बड़ी चुनौती को अपने हाथ में लिया है। मैं आश्वस्त करता हूं कि आज के इस दौर में विभाग को जिन संसाधनों की आवश्यकता होगी, मैं पूर्ण रूप से उसमें मदद करने के लिए तैयार रहूंगा। विदेश से भी आकर विद्यार्थी हमारे प्रदेश में अध्ययन करें, इसके लिए जो भी आवश्यक है, विभाग करे सरकार आपके साथ रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने यह बात भोपाल के शासकीय सरोजिनी नायडू गर्ल्स (नूतन) कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति - 2020 के तहत 'भारतीय ज्ञान परम्परा-विविध संदर्भ' विषय पर मंगलवार को दो दिवसीय वर्कशॉप का शुभारंभ करते हुए कही।

इस अवसर पर राज्यपाल मंगू भाई पटेल और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यशाला में कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने विश्वभर में वसुधैव कुटुम्बकम की भावना सार्थक की जिसके चलते आज पूरे विश्व को भारत की जरुरत पड़ रही है और हम जियो और जीने दो क सन्देश पूरे विश्व में चरितार्थ कर रहे हैं।  

इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि जब इतिहास लिखा गया तो एक लुटेरे को महान लिख दिया गया। ईसा के 550 साल पहले ईरान से एक हकमनी नाम का लुटेरा आया। तीसरा लुटेरा यूनान से आया। भारत एक समृद्धशाली राष्ट्र था , संपन्न राष्ट्र था। जो लुटेरा , भारत को जीत नहीं सका, वो विश्व विजेता कैसे हो सकता है। जो पोरस से दो - दो बार पराजित हुआ। चंद्रगुप्त मौर्य से तो लड़ नहीं सका। लेकिन, इतिहास के पन्नों में दर्ज कर गया कि जो जीता वही सिकंदर। विश्च विजेता सिकंदर। यह गलत इतिहास भी पढ़ाने की परंपरा चलती रही।

गौरतब है कि  'भारतीय ज्ञान परम्परा-विविध संदर्भ' विषय पर नूतन कॉलेज में शुरू हुई कार्यशाला में 19 अलग - अलग विषयों पर 19 अलग - अलग सत्र होंगे। इस दौरान 25 विषयों पर विषयवार मंथन होगा। कार्यशाला में शामिल विषय विशेषज्ञों के चर्चा से जो निष्कर्ष निकलेगा, उसे विभिन्न क्लासेस के सिलेबस में शामिल किया जाएगा।