राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों से कहा है कि अपनी मेधा और ज्ञान के द्वारा ऐसे माहौल का निर्माण करें जिसमें नागरिक कानून लागू करने वालों से डरने के बजाय कानून से डरें और इसका सम्मान करें और किसी भी बेगुनाह को सजा नहीं मिले।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल सोमवार को भारतीय पुलिस सेवा के 74वें बैच के मध्यप्रदेश कैडर के प्रशिक्षु अधिकारियों को राजभवन में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आईपीएस अधिकारियों की ज़िम्मेदारी केवल कानून के शासन और हमारी लोकतांत्रिक राज-व्यवस्था की सामान्य अवधारणा को बनाए रखने के लिए कानून-व्यवस्था और ईमानदार आचरण तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास की कसौटी भी है। आ
राज्यपाल ने कहा कि आईपीएस अधिकारी होने के नाते, आपके कंधों पर भारी जिम्मेदारी रहेगी। यह ऐसी सेवा है जो हमारी राष्ट्रीय प्रशासनिक प्रणाली के स्तंभों में से एक है। उन्होंने कहा कि आईपीएस अधिकारी को विशेष अधिकार और शक्तियाँ प्राप्त होती हैं, जो वास्तव में लोगों की सेवा का साधन बनती हैं।
राज्यपाल ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, अधिकारी व्यवस्था में निरंतरता और संविधान के प्रतिनिधि हैं। सभी से कानून की गरिमा की रक्षा की अपेक्षा भी है। आईपीएस वह दुर्लभ नौकरी है, जिसमें केवल कुछ व्यक्तियों के लिए नहीं बल्कि हजारों लोगों के जीवन में अंतर लाने का अवसर मिलता है। इसका सदुपयोग राष्ट्र और समाज निर्माण के रूप में करना चाहिए।
राज्यपाल ने प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। बताया गया कि 74वें बैच के मध्यप्रदेश कैडर के भारतीय पुलिस सेवा के 09 अधिकारियों में से 4 मध्यप्रदेश, 2 उत्तर प्रदेश और ।-। अधिकारी कर्नाटक, राजस्थान तथा दिल्ली के निवासी है। सभी अधिकारी राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में आधारभूत प्रशिक्षण प्राप्त हैं।
वर्तमान में ये 29 सप्ताह के लिए अपने कैडर राज्य मध्यप्रदेश में विभिन्न स्थानों और संस्थानों में व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इन्हें 04 सप्ताह का प्रशिक्षण मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में दिया जायेगा। शेष प्रशिक्षण पदस्थापना जिलों में प्रदान किया जायेगा। प्रशिक्षण में से अधिकारी मध्यप्रदेश की प्रशासनिक प्रक्रियाओं, स्थानीय विधान, भौगोलिक परिदृश्य तथा संस्कृति से परिचित होंगे।