भारतीय सेना पर एक्टेस ऋचा चड्ढा के ट्वीट को लेकर अब एमपी सरकार भी सख्त नज़र आ रही है। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया के बाद अब मध्यप्रदेश सरकार के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी ऋचा को उनके ट्वीट लेकर नसीहत दी है साथ ही कार्रवाई का संकेत भी दिया है।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि 'ऋचा चड्ढ़ा जी आप सेना का सम्मान करना सीखें। यह सेना है, सिनेमा नहीं। रील लाइफ और रियल लाइफ में फर्क होता है। आपके बयान से कई राष्ट्रभक्तों को दुख पहुंचा है। हमारी सेना हर मौसम में सीमाओं पर हमारी रक्षा के लिए तैनात रहती है, कभी आपको इस तरह की परिस्थितियों में रहना हो तब पता चलेगा कि सेना हमारे लिए कैसे काम करती है''।
वहीं श्रद्धा वाकर मर्डर केस को लेकर भी नरोत्तम मिश्रा ने ऋचा चड्डा को सीख दी। उन्होंने कहा कि “श्रद्धा वाकर के पैंतीस टुकड़े कर दिए गए तो आपके मुंह से एक शब्द भी नहीं लिखा। आपकी 'टुकड़े-टुकड़े' वाली मानसिकता से प्रेरित आपके बयान से अनेकों राष्ट्रभक्तों को पीड़ा पहुंची है। मेरे पास आपके खिलाफ़ शिकायत आई है। उचित कार्रवाई को लेकर हम कानून विशेषज्ञों से राय ले रहे हैं।”
हाल ही में बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने भी ऋचा चड्डा को उनके ट्वीट पर लताड़ लगाई थी। वहीं ऋचा के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी की गई है। सोशल मीडिया पर भी ऋचा को तीखी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में शिकायत तक दर्ज कराई गई है।
गौरतलब है कि ऋचा चड्ढा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक ट्वीट साझा किया था। अपने ट्वीट में ऋचा ने भारतीय सेना के उत्तरी कमान के कमांडिंग-इन-चीफ कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी थी, कि अगर सरकार ऐसा आदेश जारी करती है तो वे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को वापस लेने के लिए तैयार हैं। इस पर ऋचा चड्ढा ने गलवान का ताना मारने के साथ ही भारतीय सेना का मज़ाक उड़ाया था।
ऋचा चड्ढ़ा ने अब इस ट्वीट को डिलीट कर दिया है, और इसे लेकर माफी मांगी है। उन्होंने लिखा है, "भले ही मेरी मंशा कभी भी किसी को ठेस पहुंचाने की नहीं रही है। अगर किसी विवाद में घसीटे जा रहे 3 शब्दों से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं माफी मांगती हूं और यह भी कहती हूं कि अगर जाने-अनजाने में भी मेरे शब्दों से यह भावना पैदा हुई है तो मुझे दु:ख है।
ऋचा ने लिखा कि मेरे अपने नानाजी जिस फौज में एक शानदार हिस्सा रहे हैं, उसमें भाई लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में हैं । उन्हें 1960 के दशक में भारत-चीन युद्ध में पैर में गोली मार दी गई थी। यह मेरे खून में है। एक पूरा परिवार प्रभावित होता है जब उनका बेटा शहीद हो जाता है या देश को बचाने के लिए घायल हो जाता है जो हम जैसे लोगों से बना है और मैं व्यक्तिगत रूप से जानती हूं कि यह कैसा लगता है। ये मेरे लिए इमोशनल इश्यू है।