इंदौर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में रामनवमी के दिन बड़ा हादसा हो गया। बावड़ी की छत गिरने से 25 से अधिक लोग उसमें गिर गए। हादसे में एक बच्चे समेत 13 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस और श्रद्धालुओं ने रस्सियों के सहारे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए के मुआवजे का एलान किया गया है। वहीं घायलों को 50 हजार रुपए की राशि दी जाएगी. घायलों के इलाज के खर्च का वहन सरकार की ओर से किया जाएगा।
सीएम शिवराज ने कहा है, कि इस मुश्किल घड़ी में सरकार सभी के साथ है।
बावड़ी का पानी बाहर निकालने कि लिए पंप की व्यवस्था की जा रही है। अभी भी यहां कुछ और भी लोगों के फंसे होने की आशंका है। बावड़ी 40 फीट तक गहरी बताई जा रही है। इसमें में चार से पांच फीट तक पानी भी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा स्नेह नगर के सपना संगीता रोड पर स्थित बेलेश्वर महादेव मंदिर में रामनवमी के मौके पर चल रहे हवन के दौरान हुआ। बावड़ी के ऊपर हवन करने के लिए 25 से ज्यादा लोग बैठे थे। तभी इतने वजन के कारण बावड़ी की छत भरभराकर गिर गई और वहां पर बैठे लोग बावड़ी के अंदर गिर पड़े।
प्रत्यक्ष दर्शियों का कहना है, कि गिरने वालों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। यह मंदिर करीब 60 साल पुराना है। कन्या पूजन के कार्यक्रम को लेकर मंदिर में खासी भीड़ रही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि इंदौर में हुई घटना से बेहद दुखी हूं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात कर स्थिति की जानकारी ली है। राज्य सरकार बचाव और राहत कार्य में तेजी से आगे बढ़ रही है।
मौके पर कलेक्टर, पुलिस आयुक्त समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी व एमवाय अस्पताल की मेडिकल टीम पहुंच गई है। राहत और बचाव कार्य जारी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के कलेक्टर और कमिश्नर से फोन पर चर्चा की। उन्होंने बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में निर्माण और खुदाई का काम चल रहा है। मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के कारण फर्श खिसकने से कुएं की दीवार गिरने की आशंका है। इसके अलावा कुछ रहवासियों ने चूहों के कारण बावड़ी के खोखले होने की भी बात कही।