इंदौर शहर के चर्चित और बड़े ठेकेदार अमरजीत सिंह पप्पू भाटिया ने एसिड पीकर जान दे दी। पप्पू भाटिया इंदौर नगर निगम के लिए सबसे ज्यादा काम करने वालों में एक थे। आत्महत्या का कारण नगर निगम में अटके उनके करोड़ों के भुगतान  को बताया जा रहा है।

65 वर्षीय ठेकेदार पप्पू भाटिया की आत्महत्या की जानकारी सोमवार सामने आई। उनके परिजनों का आरोप है कि इंदौर नगर निगण निगम ने उनका 20 करोड़ का भुगतान रोक रखा था। बावजूद इसके वर्क ऑर्डर पूरे करने के लिए अफसर ब्लैक लिस्ट करने की धमकी दे रहे थे। इससे वे परेशान थे।

वर्क ऑर्डर पूरे करने के लिए पप्पू भाटिया ने  बाजार से ब्याज पर बड़ी राशि उधार ले रखी थी। इसी के दबाव में आकर उन्होंने खुदकुशी कर ली। आरोप है कि कि प्रवासी भारतीय सम्मेलन में पप्पू भाटिया से करोड़ों का काम कराया गया था।

परिजनों के मुताबिक़ नगर निगम से कुल बकाया का 5-10 फीसदी ही मिल रहा था। दूसरी तरफ अफसर वर्क ऑर्डर पूरा करने का दबाव बना रहे थे। काम नहीं करने पर ब्लैक लिस्ट करने की धमकी दे रहे थे।