गुरूपूर्णिमा के अवसर पर सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में तीन दिवसीय दीक्षा आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त यहां पंडित प्रदीप मिश्रा का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। रविवार को करीब 2 लाख लोग पहुंचे। इस दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने भक्तों, शिष्यों को तीन गुरूमंत्र भी दिए।

पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिए ये मंत्र -

- ऐसे गुरु की तलाश करें, जिसने अपने भीतर के अंधकार को समाप्त कर ज्ञान की ज्योति प्रज्जवलित कर ली हो।
- गुरु और शिष्य के बीच सबसे बड़ी बात ये थी कि गुरु के हर आदेश का पालन करते थे और काम सफल भी हो जाते थे।
- जब तक भगवान शंकर की कृपा नहीं होती, तब तक मनुष्य एक कदम भी भगवान की ओर नहीं बढ़ा सकता।

गुरु पूर्णिमा महोत्सव में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को अत्यधिक सम्मानित स्थान प्राप्त है। गुरु और शिष्य के बीच सबसे बड़ी बात यह है कि गुरु के हर आदेश का पालन करना है। भरोसा, आस्था और विश्वास पक्का होना चाहिए। कोई भी प्रार्थना बेकार नहीं जाती। अपनी आस्था बनाए रखो और डर को परे रखो। जीवन एक रहस्य है जिसे तुम्हें खोजना है। यह कोई समस्या नहीं जिसे तुम्हें सुलझाना है। अगर तुम यह जान जाओ कि जीना कैसे है तो जीवन सचमुच बेहद आश्चर्यजनक है। गुरु पर भरोसा और समर्पण का भाव रखेंगे तो जीवन सफल हो जाएगा।

गुरूपूर्णिमा आयोजन के लिए यहां पर करीब 40 एकड़ के मंदिर परिसर में दो भव्य पांडाल बनाये गए हैं। शनिवार से शुरू हुए इस आस्था के महाकुंभ में लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन यहां पर पहुंच रहे हैं। समिति और प्रशासनिक स्तर पर ट्राफिक व्यवस्था, मजबूत बैरिकेडिंग, ड्रॉप गेट, सांकेतिक निशान, वाहन पार्किंग, कंट्रोल रूम, पेयजल, मंदिर परिसर में साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्था की गई है। ठहरने के साथ ही भंडारे में प्रसादी ग्रहण की व्यवस्था भी की गई है। सोमवार को भी सुबह से निरंतर भंडारे का क्रम जारी है।