भोपाल: राज्य के जल संसाधन विभाग द्वारा ग्वालियर, दतिया एवं भिण्ड जिलों के लिये प्रस्तावित मां रतनगढ़ सिंचाई परियोजना में 412 करोड़ 50 लाख रुपयों का अग्रिम भुगतान ठेकेदार मंटेना जेवी हैदराबाद को किया गया तथा राज्य सरकार ने इसकी जांच हेतु 4 मार्च 2021 को जांच समिति गठित की परन्तु यह समिति दो साल बीतने के बाद भी अपनी रिपोर्ट नहीं दे पाई है।
दरअसल राज्य की भाजपा सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में 26 जून 2018 को मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना जिसमें 78 हजार 484 हैक्टेयर क्षेत्र में रबी सिंचाई प्रस्तावित है, की प्रशासकीय स्वीकृति 2244 करोड़ 97 लाख रुपये की दी थी। परन्तु बाद में कमलनाथ सरकार के आने पर 31 जुलाई 2019 से 26 जनवरी 2020 तक 19 अलग-अलग तिथियों में ठेकेदार को सामग्री क्रय हेतु कुल 412 करोड़ 50 लाख रुपयों का अग्रिम भुगतान कर दिया गया।
28 जनवरी 2020 को परियोजना प्रशासक मां रतनगढ़ पीआईयू मौ जिला भिण्ड अनिल दीक्षित ने 24 करोड़ 83 लाख रुपये का भुगतान ठेकेदार को एचडीईपी पाईप क्रय हेतु भुगतान किया गया तथा इस तिथि के पहले के शेष सभी भुगतान परियोजना प्रशासक पीएमयू बामोरकला पीडी कोरी ने एमएस स्लेट/एमएस कॉईल एवं एचडीईपी पाईप क्रय हेतु किये। इस भुगतान में गड़बड़ी के आरोप लगने पर 4 मार्च 2021 को वर्तमान शिवराज सरकार ने जांच समिति तो गठित की परन्तु यह समिति अब तक अपनी रिपोर्ट नहीं दे पाई है जिससे यह अब तक पता ही नहीं चल पाया है कि उक्त भुगतान नियम विरुध्द हुआ है या नहीं।