मंदसौर गोलीकांड की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होगी या नहीं। आज ये तय हो सकता है। कोर्ट ने इस संबंध में चल रही जनहित याचिका में साढ़े तीन माह पहले सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। यह फैसला आज सोमवार 24 अप्रैल को जारी हो सकता है।
याचिकाकर्ता ने बहस में तर्क रखते हुए कहा था कि कोर्ट ने शासन को रिपोर्ट विधानसभा पटल पर रखने को कहा था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। वहीं शासन का कहना है कि याचिका सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए दायर की गई है। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए सरकार को बाध्य नहीं किया जा सकता।
हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने दायर की है। उन्होंने इसके पहले भी इसी मुद्दे को लेकर जनहित याचिका प्रस्तुत की थी। उस जनहित याचिका में सरकार ने आश्वासन दिया था कि जांच आयोग की रिपोर्ट मिलते ही वह 6 माह में इसे विधानसभा में प्रस्तुत कर देगी।
शासन के आश्वासन के बाद कोर्ट ने याचिका निराकृत कर दी थी, लेकिन जब सरकार ने रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की तो सकलेचा ने दोबारा हाई कोर्ट में याचिका प्रस्तुत कर दी। इसमें जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग दोहराई गई है।
गौरतलब है कि छह जून 2017 को किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में पुलिस और किसानों के बीच मुठभेड हो गई थी। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए गोली चलाई थी। इसमें पांच किसानों की मृत्यु हो गई थी। मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जेके जैन की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया गया था।
आयोग ने अपनी अंतिम रिपोर्ट 13 जून 2018 को शासन को सौंप दी थी, लेकिन यह रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है। हाई कोर्ट में लंबित याचिका में इसी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने पर आमजन को पता चल सकेगा कि आखिर मंदसौर गोलीकांड के पीछे कौन जिम्मेदार है।