MP में नई लिक्वर पॉलिसी आने के बाद से शराब की दुकानों को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं। सबसे ज्यादा चर्चा शराब कारोबारियों को लेकर हुई। लेकिन अब शिवराज सरकार ने एक अप्रैल से घेराबंदी खत्म करने का ऐलान किया है। जनहित की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि प्रदेश में शराब की दुकानें पहले की तरह खुली रहेंगी।

शिवराज सरकार ने इस बात को लेकर संसय को ख़त्म करते हुए ऐलान कर दिया है। शराब की दुकानों पर शराब की खरीद और बिक्री दोनों की जा सकेगी। लेकिन सार्वजनिक स्थानों या खुले में शराब के सेवन की अनुमति नहीं होगी। इसको लेकर राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कैबिनेट ने राज्य में सभी ओपन-एयर बार को बंद करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद एक अप्रैल से परिसर को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

मध्य प्रदेश में 2010 के बाद से एक भी शराब की दुकान बंद नहीं हुई है। इसको लेकर गृह मंत्री ने कहा कि शराब को लेकर कई नियम बनाए गए हैं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत उनका ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। साथ ही नई शराब नीति में तय किया गया है कि प्रदेश भर में धार्मिक और सामाजिक स्थलों से 100 मीटर की दूरी पर शराब की दुकानें होंगी। बता दें कि पहले यह दूरी 50 मीटर थी।

मप्र सरकार के मुताबिक राज्य में सरकार की खपत को कम करने के लिए यार्ड को बंद करने का फैसला लिया गया है। अनुमान है कि इसके बंद होने के बाद शराब का सेवन करने वालों की संख्या में कमी आएगी। एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि इसे बंद करने का फैसला फरवरी में ही लिया गया था और अब इसे एक अप्रैल से लागू किया जाएगा।