भोपाल: प्रदेश के 18 आईएफएस यानि भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के खिलाफ लोकायुक्त में जांच चल रही है। वर्ष 2016 से अब तक दर्ज 17 जांच प्रकरणों में 14 आईएफएस अधिकारियों के विरुध्द जांच चल रही है जबकि दो प्रकरणों में पांच आईएफएस अफसरों पर लोकायुक्त ने एफआईआर दर्ज कर जांच प्रारंभ की हुई है।
शिकायत की जांच हेतु दर्ज 17 प्रकरणों में सबसे ज्यादा छह प्रकरण छतरपुर वनमंडल में रहे ओपी उचाडिय़ा के खिलाफ दर्ज हैं। डीएफओ सीधी रहे गौरव चौधरी के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज हैं। शेष 12 अधिकारी हैं : विनोद अवस्थी, प्रशांत कुमार सिंह, आरएस सिकरवार, शैलेन्द्र कुमार गुप्ता, अनिल सिंह, क्षितिज कुमार, पुनीत सोनकर, अनुराग कुमार, संजय चौहान, शैलेन्द्र, यूके सुबुध्दि एवं एसपीएस सेंगर।
मुख्य वन संरक्षक वन वृत्त खण्डवा रहे रामदास महला पर 30 जनवरी 2018 को लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज की जिस पर शासन से अभियोजन की स्वीकृति चाही परन्तु वन विभाग ने स्वीकृति अमान्य कर दी जिस पर अब लोकायुक्त ने हाईकोर्ट में रिट पिटिशन लगाई है।
इसी प्रकार, यूके सुबुध्दि, अशोक कुमार सिंह, मनोज अग्रवाल एवं विजय कुमार नीमा के विरुध्द लोकायुक्त ने 18 अक्अूबर 2019 को आईपीसी की धारा 420, 468, 471, 120 बी एवं भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज की जो अभी विवेचना में है।