महाकाल मंदिर अग्निकांड: आग लगने की घटना की होगी जांच, तीन दिन में मांगी रिपोर्ट


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स्टोरी हाइलाइट्स

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में होली पर भस्म आरती के दौरान आग लगने की घटना में तीन पुजारियों और मंदिर के सेवकों सहित 14 लोग झुलस गए..!!

मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान आग लगने की घटना की जांच के आदेश दिए हैं। तीन दिन के अंदर घटना की जांच कर रिपोर्ट भेजी जाती। मजिस्ट्रियल जांच के लिए एक आईएएस अधिकारी और एक अपर कलेक्टर सहित एक टीम गठित की गई है। जांच को लेकर मुद्दे भी तय किये गये हैं।

दरअसल, होली के दिन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान आग लगने की घटना में 14 लोग घायल हो गए थे। जिनमें तीन पुजारी और मंदिर के सेवक और अन्य लोग शामिल हैं। सभी घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मजिस्ट्रेट पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

उज्जैन के कलेक्टर और महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष नीरज कुमार सिंह ने बताया कि जांच के लिए जिला पंचायत के सीईओ, आईएएस अधिकारी मृणाल मीना और एडीएम अनुकूल जैन की अध्यक्षता में एक टीम बनाई गई है। टीम को तीन दिन का समय दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

महाकालेश्वर मंदिर समिति और प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, ऐसे बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

इन मुद्दों पर जांच चल रही है

1. घटना क्यों घटी?

2. होली के दिन मंदिर में पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं?

3. भविष्य में होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाने बाकी हैं?

4. इस घटना का जिम्मेदार कौन है?

5. घटना के बाद आवश्यक कार्रवाई की गई या नहीं?

6. क्या महाकालेश्वर मंदिर में होली के दौरान निभाई जाने वाली परंपराएं सुरक्षा की दृष्टि से उचित हैं या नहीं? इसके अलावा स्थिति के अनुसार जांच में कुछ बिंदु भी जोड़े जा सकते हैं।

घटना के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव घायलों को देखने इंदौर और उज्जैन के अस्पतालों में पहुंचे। इसके अलावा वह महाकालेश्वर मंदिर भी पहुंचे और हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।