छतरपुर के डिप्टी कलेक्टर पद से इस्तीफा देने के बाद निशा बांगरे और सरकार के बीच खींचतान शुरू हो गई। अपना इस्तीफा स्वीकार कराने के लिए उन्होंने 28 सितंबर को बैतूल के आमला नगर से पद यात्रा शुरू की, जिसका 12वां दिन 9 अक्टूबर को था। 9 अक्टूबर सोमवार को डिप्टी कलेक्टर निशा बंगारे अपना इस्तीफा स्वीकार करने के लिए पदयात्रा करते हुए राजधानी के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना देने पहुंचीं थीं।

इस बीच पुलिस ने निशा बांगरे के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया और उन्हें उनके सभी समर्थकों सहित गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद सभी को भोपाल सेंट्रल जेल ले जाया गया। जहां से देर रात उसका मेडिकल कराकर पुलिस उन्हें वापस जेल ले गई।

इस दौरान हुई झूमाझटकी के बीच डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे के हाथ में मौजूद संविधान की फोटो भी फट गई। भोपाल पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मेडिकल जांच के बाद उसे धारा 151 के तहत जेल भेज दिया गया है।

पूरी घटना इस प्रकार है

निशा बांगरे  25 जून को अंतर्राष्ट्रीय सर्व धर्म शांति सम्मेलन के साथ स्वयं के घर  के उद्घाटन  का  आयोजन आमला हवाई पट्टी पर रखा था।सरकार को इस बात की खबर लगी तो सामान्य प्रशासन विभाग ने निशा  बांगरे को सम्मेलन में शामिल होने की अनुमति नहीं दी। 

जिसके चलते निशा बांगरे ने 22 जून को छतरपुर के डिप्टी कलेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया और कार्यक्रम में भाग लिया। जिसके बाद सरकार ने तुरंत निशा बांगरे का भोपाल बंगला खाली करने का आदेश दिया।