प्रबंध संचालक और सीईओ के आदेश का पालन करने वाली रेंजर विद्या निनारे को थमाया नोटिस


Image Credit : X

स्टोरी हाइलाइट्स

प्रभारी एसडीओ सुनीता अहिरवार की दबंगई..!!

भोपाल: लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी की प्रभारी एसडीओ एवं रेंजर सुनीता अहीरवार को एसीएस वन जेएन कंसोटिया के वरदहस्त होने के कारण दबंगई पर उतारू हो गई है और अपनी ही बैच की रेंजर विद्या निनारे को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। जबकि विद्या निनारे को भंडार में रॉ मटेरियल जांच करने के निर्देश प्रबंध संचालक और सीईओ ने मीटिंग में सबके सामने दिये थे। उस मीटिंग में सुनीता अहीरवार भी मौजूद थी फिर भी अपने भ्रष्टाचार को छुपाने और एसीएस वन से जान-पहचान की धुन में नियमों को भी धता बता रही है।

  • सुनीता अहीरवार ने मुख्यकार्यपालन अधिकारी कार्यालय को दरकिनार कर ख़ुद का अलग विभाग ही स्थापित कर दिया है और कार्यालयीन पत्रों के डिस्पैच रजिस्टर भी ख़ुद बना लिये है।  ख़ुद ही नोटिस जारी करने लगी है। जबकि इस बाबत कोई अनुमोदन आदेश सीईओ या संघ से नहीं हुये है कि केंद्र का उत्पादन डिस्पैच रजिस्टर पृथक से हो। उत्पादन शाखा बिना सीईओ को जानकारी दिये कार्य करेगा।
  • ⁠सुनीता अहीरवार के कार्यकाल में 6 करोड़ों की govt सप्लाई में 3 करोड़ से अधिक की रा-मटेरियल ख़रीदी के भुगतान किये गये है जिसमें 2 करोड़ के बिल तो आर्यन फ़ार्मेसी के थे और तो और 35-50 लाख के मरम्मत के भुगतान किये जा चुके है।
  • ⁠संघ में हुई शिकायतों की जांच के लिये मनोज अग्रवाल ने पत्र भी लिखा लेकिन जांच अधिकारी मणिशंकर मिश्रा के 2 नोटिस देने के बाद भी सारी फ़ाइलें, बिल, रिकॉर्ड ख़ुद दबा कर बैठ गई है और जांच में सहयोग भी नहीं कर रही।
  •  ⁠सुनीता अहीरवार ने एसीएस वन से मुलाक़ात कर सीईओ फ़ुलझेले की शिकायत की। और तो और मीटिंग में भी सीईओ और सुनीता अहीरवार की कहसुनी की चर्चा आम है। एक बार तो परेशान होकर सीईओ प्रफुल्ल फुलझले ने तो ग़ुस्से में पानी का ग्लास ही इनके सामने फोड़ दिया था।