भोपाल: कभी दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्रित्वकाल में बने दलित एजेंडा की तर्ज पर राज्य की भाजपा सरकार ने भी अपने नये दलित एजेंडा पर कार्य शुरु किया है। इसके तहत सभी सरकारी विभागों को दलित इण्डियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज यानि डीआईसीसीसीआई के सहयोग से काम करना होगा।

दरअसल चार माह पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में राज्य के एमएसएमई विभाग एवं डीआईसीसीसीआई के बीच एमओयू हुआ था कि एमएसएमई विभाग और डीआईसीसीसीआई के परस्पर सहयोग एवं प्रयासों से प्रदेश में अजाजजा वर्ग हेतु उद्यमिता का एक सकारात्मक वातावरण निर्मित हो।

अब एमएसएमई विभाग ने सभी विभागों को पत्र जारी कर कहा है कि प्रदेश के विभिन्न विभागों द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार की अनेक योजनाओं, कार्यक्रमों और अभियानों का संचालन किया जाता है जिनमें उद्यमिता विकास, स्वरोजगार संबंधी गतिविधि अंतर्गत अजाजजा वर्ग को लाभान्वित किये जाने हेतु लक्ष्य भी निर्धारित होते हैं।

परन्तु प्राय: जागरुकता की कमी, उपयुक्त हितग्राही का नहीं मिलना, बैंकिंग समस्याओं तथा हैंड होल्डिंग के अभाव में जनहितैषी योजनाओं का समुचित लाभ अजाजजा वर्ग के युवाओं व उद्यमियों को नहीं मिल पाता है और विभागों के लक्ष्य पूर्ण नहीं होते हैं।

इसलिये डीआईसीसीसीआई अजाजजा वर्ग से संबंधित जागरुकता कार्यक्रम, कार्यशाला, उद्यमिता विकास, स्वरोजगार और औद्योगिकीरण आदि सभी गतिविधियों हेतु संबंधित विभागों के सहयोगी के रुप में कार्य कर सकता है। इसलिये डीआईसीसीसीआई से समन्वय स्थापित किया जाये जिससे अजाजजा वर्ग हेतु निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुगमता से हो सके।