अब जिला न्यायालयों के जजों को घर बनाने मिलेगी अग्रिम राशि


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स्टोरी हाइलाइट्स

न्यायिक सदस्यों को शैक्षणिक सत्र 2019-20 से केंद्रीय कर्मचारियों की तरह अधिकतम दो बच्चों के लिये प्रत्येक के लिये कक्षा 12 वीं तक 2250 रुपये प्रति माह शिक्षण भत्ता तथा 6750 रुपये प्रति माह हास्टल सब्सिडी दी जायेगी..!!

भोपाल: राज्य सरकार ने जिला न्यायपालिका के सेवारात एवं रिटायर्ड जजों के लिये सुविधाओं एवं भत्तों का अम्बार लगा दिया है। अब न्यायिक सेवा के सदस्यों को केंद्र सरकार की तरह निजी व्यक्तियों से बने हुये मकान क्रय करने के लिये गृह निर्माण अग्रिम उपलब्ध कराया जायेगा। 

इसी प्रकार, न्यायिक सदस्यों को शैक्षणिक सत्र 2019-20 से केंद्रीय कर्मचारियों की तरह अधिकतम दो बच्चों के लिये प्रत्येक के लिये कक्षा 12 वीं तक 2250 रुपये प्रति माह शिक्षण भत्ता तथा 6750 रुपये प्रति माह हास्टल सब्सिडी दी जायेगी। विशेष सहायता वाले बच्चों को यह राशि दोगुनी मिलेगी। मंहगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर शिक्षण भत्ता एवं हास्टल सब्सिडी 25 प्रतिशत वृध्दि के साथ देय होगी। पति एवं पत्नी दोनों के न्यायिक सदस्य होने पर सिर्फ एक ही बालक को यह भत्ते मिलेंगे।

इसके अलावा, न्यायिक सदस्य को स्वयं की कार होने पर 1 जनवरी 2016 से 31 दिसम्बर 2020 तक दस हजार रुपये प्रति माह एवं 1 जनवरी 2021 से 13 हजार 500 रुपये प्रति माह चालक एवं रखरखाव हेतु देय होंगे। सरकार से वाहन मिलने पर परिवहन भत्ते के रुप में 4 हजार रुपये प्रति माह देय होंगे। शासकीय वाहन उपलब्ध न होने पर शहरी क्षेत्र में 100 लीटर एवं अन्य क्षेत्र में 75 लीटर पेट्रोल/डीजल के मूल्य के अनुसार राशि प्रति माह देय होगी। वाहन के विंड स्क्रीन पर जज लिखने की पात्रता होगी। 

कार खरीदने के लिये दस लाख रुपये का सुलभ ऋण नाममात्र ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जायेगा। जिला जज को 8 हजार यूनिट बिजली एवं 420 किलो लीटर्स प्रति वर्ष तक उपयोग हेतु लगने वाली राशि का पचास प्रतिशत भुगतान किया जायेगा। व्यवहार न्यायाधीश के लिये 6 हजार यूनिट बिजली एवं 336 किलो लीटर्स प्रतिवर्ष सीमा रहेगी। पहाड़ी क्षेत्र/कठिन स्थिति वाले क्षेत्रों में पदस्थापना पर 5 हजार रुपये प्रति माह भत्ता 1 जनवरी 2016 से दिया जायेगा।

इसी प्रकार, जिला जज को एक अकुशल श्रमिक हेतु 10 हजार रुपये प्रति माह अर्दली भत्ता दिया जायेगा जबकि व्यश्वहार जज को 7500 रुपये प्रति माह दिये जायेंगे। रिटायर जज को 9 हजार रुपये प्रति माह एवं पारिवारिक पेंशन वाले परिवार को 7500 रुपये प्रति माह अर्दली भत्ते के रुप में दिये जायेंगे जो 1 जनवरी 2016 से पांच वर्ष पूर्ण होने पर 30 प्रतिशत की वृध्दि के साथ दिया जायेगा। न्यायिक सदस्य को प्रत्येक पांच वर्ष में फर्नीचर एवं एयर कंडीशन हेतु सवा लाख रुपये दिये जायेंगे। सेवारत जज को 3 हजार रुपये एवं रिटायर्ड जज को 4 हजार रुपये प्रति माह चिकित्सा भत्ता दिया जायेगा। 

2 न्यूज पेपर एवं 2 पत्रिकाओं हेतु जिला जज को 700 रुपये प्रति माह एवं 1 जनवरी 2016 से प्रत्येक तीन वर्ष में 12 हजार रुपये गणवेश भत्ता दिया जायेगा। प्रशासनिक कार्य के लिये जिला सत्र न्यायाधीश को 7 हजार रुपये प्रति माह एवं अन्य जिला जजों को 3500 रुपये प्रति माह दिया जायेगा। जिला जज को 7800 रुपये प्रति माह एवं व्यवहार जज को 3800 रुपये प्रति माह अतिथि सत्कार भत्ता दिया जायेगा। जिला जज को इंटरनेट युक्त मोबाईल हेण्डसेट हेतु 30 हजार रुपये एवं व्यवहार जज को 20 हजार रुपये और डाटा हेतु क्रमश: 2 हजार एवं पन्द्रह सौ रुपये प्रति माह दिये जायेंगे। प्रत्येक तीन वर्ष में मोबाईल हैंडसेट बदला जा सकेगा।