भोपाल: राज्य सरकार अब गांवों में दूरसंचार सेवायें उपलब्ध कराने के लिये 21 वर्गफुट शासकीय भूमि उपलब्ध करा सकेगी। यह भूमि सार्वभौमिक सेवा दायित्व यानि यूनिवर्सल सर्विस ओबलिगेशन-यूएसओ के तहत चयनित गांवों में दी जायेगी।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में दूरसंचार सेवा/इंटरनेट सेवा/अवसंरचना प्रदाताओं द्वारा वायर लाइन या वायरलैस आधारित वाइस या डाटा पहुंच सेवायें उपलब्ध कराने के लिये अधोसंरचना की स्थापना को सुगम बनाने हेतु वर्ष 2019 में दिशा-निर्देश जारी किये थे। इसी दिशा-निर्देश में अब यह बदलाव किया गया है। इसमें पहले गांवों में 1225 वर्गफुट शासकीय भूमि प्रदान करने का उल्लेख था जिसे अब यूएसओ में चयनित गांवों के लिये 2100 वर्गफुट कर दिया गया है।

ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार ने अपने यहां यूएसओ फण्ड बनाकर रखा है जिसमें सभी दूरसंचार कंपनियां अपने सकल राजस्व का 5 प्रतिशत जमा कराती हैं। इस राशि से उन गांवों में दूरसंचार सेवायें स्थापित की जाती हैं जहां कंपनियां पर्याप्त राजस्व न मिलने के कारण दूरसंचार सेवायें स्थापित नहीं करती हैं।