भोपाल: राज्य सरकार ने सात साल पहले बने जिला प्रतिष्ठान (डीएमएफ) नियम 2016 में बदलाव कर दिया है। अब डीएमएफ की 40 प्रतिशत राशि वायुमार्ग एवं अन्य परिवहन के माध्यमों संबंधी अधोसंरचनाओं, पर्यटन संबंधी अधोसंरचना, सामुदायिक महत्व तथा अन्य जन उपयोगी अधोसंरचनाओं को विकसित करने में भी व्यय की जा सकेगी। इसके अलावा वर्षा जल संग्रहण प्रणाली के विकास, जल संग्रहण का प्रत्यावर्तन एवं विद्युतीकरण में भी भी इस फण्ड से राशि खर्च की जा सकेगी।

पोर्टल के माध्यम से मिलेगी स्वीकृति :

नियमों में यह भी बदलाव किया गया है कि अब जिला प्रतिष्ठान के द्वारा वार्षिक कार्ययोजना पोर्टल पर दर्ज की जायेगी। कार्ययोजना का अनुमोदन प्रशासकीय विभाग द्वारा किया जायेगा। कार्ययोजना की स्वीकृति राज्य शासन के अनुमोदन के बाद दी जायेगी तथा इसकं बाद जिला कलेक्टर स्वीकृति आदेश जारी करेंगे।