वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्री सीधे ड्राइवर से बात कर सकेंगे। इसके लिए कहीं जाने की जरुरत नही होगी बल्कि प्रत्येक कोच में एक इमरजेंसी टॉक बैक यूनिट होगी । यदि यात्री मुसीबत में फंस गए या कोई जरूरी सूचना जो रेलवे के लिए उपयोगी हो सकती है उसके संबंध में सीधे ट्रेन के ड्राइवर से बात कर सकते हैं। यह सिस्टम कोच के गेट पर भी होगा। हालांकि विषम परिस्थितियों में ही इस सुविधा का लाभ लिया जा सकता है। सामान्य स्थिति पर इसका उपयोग करना सख्त मना है, कार्रवाई भी हो सकती है।

इसके अलावा भी वंदे भारत एक्सप्रेस में कई सुविधाएं दी है जो फ्लाइट के समतुल्य है। उल्लेखनीय है कि उक्त ट्रेन को एक अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह ट्रेन सप्ताह में शनिवार को छोड़कर प्रत्येक दिन सुबह चलेगी और देर रात को वापस रानी कमलापति स्टेशन लौट जाएगी। फिलहाल ट्रेन को नई दिल्ली तक चलाने का निर्णय लिया है। बीच में झांसी, ग्वालियर, आगरा में इसे स्टॉपेज दिया जा सकता है। ट्रेन को चलाने को लेकर रेलवे युद्ध स्तर पर तैयारी कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उक्त ट्रेन को दोपहर करीब तीन बजे के बाद हरी झंडी दिखाएंगे।

इमरजेंसी में ऐसे खोले सकेंगे दरवाजे

■ ट्रेन के पूरी तरह ठहरने तक प्रतीक्षा करें।
■ फिर लाल पैनल के कांच को तोड़ें और लाल हैंडल को तीर के निशान की ओर घुमाएं। ■ दरवाजे में दिए हैंडल स्लाट का उपयोग करके दरवाजे को एक ओर खिसकाएं।
■ यह तय करें कि बगल के ट्रैक पर कोई ट्रेन नहीं आ रही है।
■ उचित कारण के बिना दरवाजा खोलने की इस प्रक्रिया को अमल में लाया गया तो 1000 रुपये जुर्माना चुकाना होगा। छह माह की कैद भी हो सकती है।

ड्राइवर से बात करने के उपाए

■ प्रत्येक कोच के अंदर व प्रत्येक मुख्य गेट पर आपातकालीन टाक बैक यूनिट है। उसमें पुश बटन है, जिसे तब तक दबाते रहे जब तक कि एलईडी की ब्लिंकिंग बंद होकर लाल रंग में न बदल जाए।
■ इसके बाद एलईडी का रंग हरा होने तक प्रतीक्षा करें, हरा रंग यह सूचित करता है कि ट्रेन ऑपरेटर व ड्राइवर आपसे बात करने के लिए तैयार हैं।
■ माइक्रोफोन पर बात करें, ट्रेन आपरेटर ड्राइवर द्वारा दी जाने वाली सलाह का पालन करें।

यह है ट्रेन की खासियत

■ ट्रेन के प्लेटफार्म पर खड़ी होने पर दरवाजे स्वतः खुल जाएंगे। यदि बंद रहते हैं तो गेट के सामने जाकर खड़े हो जाएं, दरवाजे स्वतः खुल जाएंगे।
■ जब ट्रेन किसी स्टेशन पर ठहरेंगी, तब भी दरवाजे स्वत- खुलेंगे। परेशान होने की जरुरत नहीं होगी।
■ कोच के अंदर भी एक से दूसरे कोच में जाने के लिए जिन दरवाजों से सामना होगा, वे भी स्वचलित होंगे।
■ शौचालय में अग्निशामक रखे हैं जिनका उपयोग आग लगने की स्थिति में किया जा सकेगा।
■ कोच में फोल्डिंग टेबल दी गई है जिसका उपयोग यात्री अपनी सुविधा के अनुसार कर सकेंगे। 
■ कोच में दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष हैंडल लगाकर उन पर ब्रेल लिपि में बर्थ संख्या का उल्लेख किया है। ताकि आसानी से दिव्यांगजन अपनी बर्थ तक पहुंच सकें।
■ एग्जीक्यूटिव श्रेणी के कोच की चेयरकार बर्थ, जिन्हें यात्री आसानी से 180 डिग्री एंगल पर सुविधा अनुरूप घुमा कर बैठ सकेंगे।