मध्यप्रदेश के कटनी में रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने पर एक पटवारी ने बचने के लिए एक अनोखा कदम उठाया है। यहां पर एक पटवारी को पुलिस ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए पटवारी ने साढ़े नौ हजार रुपये निगल लिए। हालांकि पुलिस ने डॉक्टर की मदद से पटवारी से पैसे बरामद कर लिए। यह पहली बार है कि पुलिस को रिश्वत की रकम को सबूत के तौर पर रखने के लिए डॉक्टरों की मदद लेनी पड़ी है।
पटवारी की हरकत ने पुलिस और डॉक्टरों समेत सभी को हैरत में डाल दिया। जानकारी के मुताबिक, कटनी के बिलहरी में हल्का पटवारी के पद पर पदस्थ गजेंद्र सिंह ने चंदन लोधी से जमीन का सीमांकन और रिपोर्ट देने के बदले रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत 10 जुलाई 2023 को जबलपुर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से की।
शिकायत के बाद जांच अधिकारियों ने शिकायत को सही पाया। गजेंद्र सिंह ने रिश्वत लेने के लिए चंदन को अपने निजी कार्यालय में बुलाया। जिसके बाद लोकायुक्त की टीम ने पूरी योजना बनाई और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ी। कटनी जिले के बिलहरी हल्का में पदस्थ एक पटवारी को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी पटवारी ने जमीन के सीमांकन कार्य के बदले रिश्वत मांगी थी। इसी बीच टीम मौके पर पहुंची और पटवारी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पटवारी ने सारी रकम मुंह में डाल ली और चबाने लगा। पटवारी ने 9500 के नोट निगलकर कार्रवाई से बचने की कोशिश की।
जब अधिकारियों ने उसके मुंह से पैसे लेने की कोशिश की तो पटवारी ने अधिकारी की उंगली काट ली। निगले गए नोटों को निकालने के लिए टीम पटवारी को जिला अस्पताल कटनी ले गई, जहां डॉक्टरों की टीम ने विशेष उपचार देकर फटे हुए नोटों के बंडल को निकाला।
यह पहली बार है कि पुलिस सबूत के तौर पर रिश्वतखोर के पेट से पैसा उगलवाने के लिए उसे अस्पताल लेकर पहुंची है। पूरी कार्यवाही के दौरान लोकायुक्त निरीक्षक कमल सिंह उइके और अन्य अधिकारी भी वहां मौजूद रहे।