भोपाल: राज्य के गृह विभाग ने मॉब लिंचिंग यानि भीड़ जनित हिंसा में पीडि़त जनों को मुआवजा देने की योजना जारी कर दी। यह योजना सुप्रीम कोर्ट के 17 जुलाई 2018 के निर्णय के सिलसिले में जारी की गई है।

योजना के तहत राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इस योजना के तहत मुआवजा राशि प्रदान करेंगे। इसके लिये प्रारंभिक रुप से पचास लाख रुपये का फण्ड तैयार किया गया है। पीडि़तों को आवेदन करने पर यह मुआवजा राशि दी जायेगी। परन्तु घटना के तीन साल के अंदर आवेदन करना जरुरी होगा।

यह मिलेगा मुआवजा :

जीवन हानि व सामूहिक बलात्कार पर 5 लाख से 10 लाख रुपये, बलात्कार एवं अप्राकृतिक लैंगिक हमले पर 4 लाख से 7 लाख रुपये, शारीरिक अंगों की हानि से 80 प्रतिशत या अधिक नि:शक्तता पर 2 लाख से 5 लाख रुपये, 40 प्रतिशत से अधिक एवं 80 प्रतिशत तक नि:शक्तता पर 2 लाख से 4 लाख रुपये, 20 से 40 प्रतिशत नि:शक्तता पर 1 लाख से 3 लाख रुपये, 20 प्रतिशत से कम नि:शक्तता एवं मानसिक आघात पर 1 लाख से 2 लाख रुपये, गर्भपात होने या जनन क्षमता ही हानि पर 2 लाख से 3 लाख रुपये, बलात्कार से गर्भ धारण होने पर 3 लाख से 4 लाख रुपये, जलने से चेहरा चिकृत होने पर 7 लाख से 8 लाख रुपये, जलने से 50 प्रतिशत की शारीरिक क्षति होने पर 5 लाख से 8 लाख रुपये, जलने से 50 प्रतिशत से कम हानि पर 5 लाख से 7 लाख रुपये, जलने से 20 प्रतिशत से कम क्षति होने पर 2 लाख से 3 लाख रुपये, एसिड हमले पर चेहरा विकृत होने पर 7 लाख से 8 लाख रुपये, एसिड से 50 प्रतिशत से अधिक शारीरिक हानि होने पर 5 लाख रुपये, एसिड से 50 प्रतिशत से कम हानि होने पर 3 लाख से 7 लाख रुपये एवं एसिड से 20 प्रतिशत से कम हानि होने पर 3 लाख से 4 लाख रुपये मुआवजा दिया जायेगा।