मुख्यमंत्री आवास में आयोजित नवनियुक्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में मप्र बड़ी छलांग लगाकर 17 से 5वें स्थान पर पहुँचा है। एमपी सरकार ने इस वर्ष एक लाख से अधिक सरकारी भर्तियों का लक्ष्य रखा है।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं शिक्षकों से कहना चाहता हूँ कि आपको अपने विद्यार्थियों के ह्रदय में जगह बनानी है। आपके द्वारा दी जाने वाली शिक्षा विद्यार्थी ही नहीं, समाज में भी बदलाव लाएगी। आप शिक्षक भले हैं, लेकिन अपने भीतर के विद्यार्थी को हमेशा जिंदा रखें।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति से सबसे अधिक लाभ ग्रामीण बच्चों को होगा। मप्र में युवाओं को सरकारी नौकरी देने का काम तेज गति से चल रहा है। रोजगार मेलों के माध्यम से हजारों युवाओं की भर्ती की गई, जिनमें 22 हजार से अधिक भर्ती शिक्षक के पद पर की गई।
कार्यक्रम का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य अतिथियों ने शुभारंभ किया। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने शाजापुर से वर्चुअल और जनजातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह ने मंच से कार्यक्रम में प्रारंभिक संबोधन दिया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विजनरी लीडर हैं। उनके दृढ़ संकल्प के कारण एक सर्व सम्मत नई शिक्षा नीति भारत में आई है। इसके अंतर्गत ही शिक्षा व्यवस्था हो रही है। मध्य प्रदेश का स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग यह नीति अच्छी तरह लागू करने के लिए बधाई का पात्र है। मध्यप्रदेश राष्ट्रीय सर्वे में 17 वें नंबर से पांचवें नंबर तक आया है। यह दोनों विभागों के परिश्रम का परिणाम है। शिक्षकों पर भावी पीढ़ी के निर्माण का दायित्व है। नव नियुक्त शिक्षक यह दायित्व निभायें। सिर्फ नौकरी नहीं समाज को बनाने का कार्य है शिक्षण कार्य।