इंदौर जिला अदालत ने पॉक्सो एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए पहली बार किसी लड़की को सजा सुनाई है। लड़की ने किशोर को घुमाने के बहाने गुजरात लेजा कर कई बार रेप किया। पुलिस ने बमुश्किल से किशोर को युवती से छुड़ाया था।
मामला 2018 का है। एक नाबालिग बच्चा काफी दिनों तक अपने घर से गायब रहा। लगातार तलाश के बाद भी बच्चा न मिलने पर परिजनों ने बाणगंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिक़ायत मिलने के बाद पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू की और फिर गुजरात से किशोर को इंदौर लाया गया।
पुलिस पूछताछ में बालक ने अपने साथ हुई आपबीती के बारे में बताया। पीड़ित ने बताया कि वह युवती घूमने के बहाने बालक को अपने साथ गुजरात ले गई थी। वहां युवती ने उससे कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा उसका फोन भी अपने पास रख लिया ताकि बालक अपने माता-पिता से बात न कर सके।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवती को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामला कोर्ट में लंबित था, जिस पर अब कोर्ट ने फैसला सुनाया है। इंदौर के विशेष न्यायाधीश ने आरोपी महिला को 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। पॉक्सो एक्ट में पहली बार किसी अदालत ने नाबालिग लड़के का शारीरिक शोषण करने के आरोप में किसी लड़की को सजा सुनाई है। युवती की उम्र 19 साल बताई जा रही है।