भोपाल: गत 26 जून को राज्य स्तरीय टीम द्वारा जबलपुर के विक्टोरिया अस्पताल का निरीक्षण किया गया था जिसमें डायलिसिस सेवाओं में कमियां पाई गईं थीं। अब इस पर स्वास्थ्य संचालनालय भोपाल की अस्पताल प्रशासन शाखा के संचालक डा. पंकज जैन ने विक्टोरिया अस्पताल के सिविल सर्जन डा. मनीष कुमार मिश्रा को शोकॉज नोटिस जारी कर तीन के अंदर जवाब मांगा है।

ये पाई गईं कमियां :

एक, विक्टोरिया अस्पताल में कुल 11 डायलिसिस मशीनें हैं जिनमें से एक अक्रियाशील पाई गई, जिसके सुधार हेतु कोई कार्यवाही नहीं की गई और न ही उसे नॉन रिपेयरेबल घोषित कर उसके अपलेखन की कार्यवाही की गई। पंजाबी हिन्दू एसोसियेशन एनजीओ का डायलिसिस तकनीशियन ड्रेस कोड में नहीं पाया गया।

तीन, एपेक्स किडनी एसोसियेशन एनजीओ के डायलिसिस तकनीशियन के द्वारा संधारित डेटा में विभिन्न प्रकार की अनियमिततायें पाई गईं जिसमें रोगियों के डायलिसिस सेशन की अद्यतन जानकारी भरे जाने हेतु निर्धारिम फार्म्स अनुलब्ध पाये गये।

चार, अपेक्स किडनी केयर द्वारा रोगियों के कन्सेंट प्रपत्र में पूर्ण जानकारी नहीं दी जा रही है।

पांच, फायब्रश बंडल वोल्युम यानि एफबीवी के डिसकार्डिंग लिमिट के विषय में डायलिसिस तकनीशियन को सही जानकारी नहीं थी।

छह, स्वास्थ्य मुख्यालय से भेजे गये आदेशों/सर्कुलरों की डायलिसिस नोडल अधिकारी एवं डायलिसिस इन्चार्ज को अपूर्ण जानकारी थी।

सात, आपको अस्पताल परिसर में डायलिसिस यूनिट के स्थान की जानकारी नहीं थी।

आठ, डयालिसिस हेतु भर्ती मरीज आशीष पटेल का डायलाईजर 7 बार उपयोग करने पर ही एफबीवी केवल 45 प्रतिशत ही पाया गया जिसकी कभी भी स्वत: संज्ञान लेकर जांच नहीं की गई।