सावन महीने के चौथे सोमवार को आज सुबह से ही भगवान शिव के मंदिर जयकारों से गूंज उठे। भक्तों ने शिवालयों में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से अभिषेक कर पूजन अर्चन किया।
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में तड़के सुबह से ही भक्तों की लाइन नज़र आई। भगवान महाकाल का भांग, चंदन, आभूषणों से राजा स्वरूप में दिव्य श्रृंगार कर आरती की गई। आज यहां तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
शाम को राजा महाकाल की सवारी प्रजा का हाल जानने निकलेगी। भस्म आरती के बाद भांग, चंदन और अबीर के साथ महाकाल के मस्तक पर ऊँ, चंद्र और त्रिपुंड अर्पित कर राजा स्वरूप में श्रृंगार किया गया।
गौरतलब है कि 4 जुलाई से शुरू हुआ सावन माह अधिक मास के कारण 31 अगस्त को समाप्त होगा। माह में कुल आठ सोमवार के व्रत होंगे। 31 जुलाई को चौथा सावन सोमवार है।