राजधानी के भोपाल व रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की सुरक्षा और बढ़ जाएगी। इन दोनों स्टेशनों पर जीआरपी अब राज्य के कंट्रोल रूम व एसपी रेल कार्यालय से सीधी नगर रखेगी।
इन दोनों ही कार्यालयों से सीसीटीवी कैमरे के जरिए स्टेशन के चप्पे- चप्पे को 24 घंटे देखा जाएगा, ताकि किसी भी तरह की कोई संदिग्ध गतिविधियां होने पर तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
जीआरपी के थानों में भी सुविधा उपलब्ध
अभी आरपीएफ व रेलवे द्वारा अपने-अपने कार्यालयों के जरिए सीसीटीवी से स्टेशन की निगरानी की जाती है। यही काम जीआरपी के थानों से भी होता है लेकिन जीआरपी के वरिष्ठ स्तर पर सीसीटीवी कैमरे की मदद से सीधी निगरानी नहीं की जा रही थी।
संदिग्ध गतिविधियों की होगी निगरानी
■तीन अलग-अलग स्तर पर निगरानी शुरू होने से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। तुरंत संदिग्धों को पकड़ा जा सकेगा। स्टेशन पर असामाजिक गतिविधियों को पूरी तरह रोका जा सकता है।
■ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। यदि कोई यात्री ट्रेन में चढ़ते या उतरते समय संतुलन खोता है तो उसे समय रहते बचाया जा सकता है।
■ स्टेशन परिसर क्षेत्र में ट्रेन परिचालन में अवरोध पैदा होने की स्थिति को देखा जा सकेगा, उसे नियंत्रित किया जा सकेगा।
■ गुमशुदा इंसानों की पहचान करने में और अधिक आसानी होगी, क्योंकि जीआरपी राज्य सरकार का अंग है और प्रदेश के थानों में आए दिन गुम इंसान कायम हो रहे हैं, जिनमें से आधे गुम इंसान स्टेशनों पर पहुंचते हैं और जानकारी के अभाव में एक से दूसरे स्टेशनों तक पहुंच जाते हैं, इनकी पहचान की पहचान की जा सकेगी।
■ स्टेशन के किस प्लेटफार्म पर भीड़ अधिक है, इस पर आसानी से नजर रखी जा सकती है। भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा।