एमबीबीएस की छात्रा शिवरंजनी तिवारी शुक्रवार देर रात गंगोत्री से बागेश्वर धाम की पैदल यात्रा कर बागेश्वरधाम पहुंचीं। हालाँकि, धीरेंद्र शास्त्री शिवरंजनी से नहीं मिल सके क्योंकि वे एकांतवास में जा रहे थे। ऐसे में उन्हें धीरेंद्र शास्त्री से मिले बिना ही वापस लौटना पड़ा है।
शिवरंजनी तिवारी और बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों चर्चा में हैं। शुक्रवार की शाम शिवरंजनी तिवारी 46 दिन की यात्रा के बाद अंतिम पड़ाव पर मौन धारण कर छतरपुर से बागेश्वर धाम के लिए रवाना हुईं थीं। मीडिया से मुलाकात के दौरान शिवरंजनी चुप्पी ही साधे रहीं।
इससे पहले उन्होंने बागेश्वर धाम में जल चढ़ाकर मौन व्रत खोलने की बात कही थी। छतरपुर पहुंचते ही शिवरंजनी की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें जिला अस्पताल ले जाना पड़ा था। मेडिकल छात्रा शिवरंजनी का नाम बागेश्वर बाबा से जोड़ा जा रहा है। साथ ही दोनों की शादी की खबरें भी वायरल हैं। शादी से जुड़े सवालों के बीच शिवरंजनी तिवारी छतरपुर पहुंचीं और सभी सवालों के जवाब दिए।
धीरेंद्र शास्त्री से शादी करने के सवाल पर शिवरंजनी ने कहा कि मैंने कभी नहीं कहा कि मेरा शादी करने का इरादा है, न तो मेरी पर्ची खोली गई है और न ही किसी को मेरी मंशा के बारे में पता चला है।
वहीं शिवरंजनी ने गंगोत्री से बागेश्वर धाम की यात्रा पर कहा, "मेरा संकल्प पूज्य बालाजी के दर्शन करना था और मैंने कक्षा 11 में जीव विज्ञान को एक विषय के रूप में लिया।" मैं कैंसर की डॉक्टर बनना चाहती हूं, बालाजी मुझे इस क्षेत्र में सफलता दिलाएं। यही मेरी इच्छा थी। मेरी शादी करने की कोई इच्छा नहीं थी, लोगों ने मेरे सफर को शादी से जोड़ दिया।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मध्य प्रदेश के मंदसौर के खेजड़िया स्थित हनुमंत कथा मंच से कहा कि वह अगले कुछ दिनों तक एकांतवास में रहेंगे। इस बीच वह हिंदू धर्म पर एक किताब भी लिखेंगे। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक स्कूलों और कॉलेजों में नि:शुल्क वितरित की जाएगी।