बीजेपी ने मोहन यादव को मध्य प्रदेश का सीएम बनाने का ऐलान किया है। मोहन यादव के नाम की घोषणा के बाद 17 साल से ज्यादा समय तक सीएम रहे शिवराज सिंह चौहान की विदाई तय हो गई है।

सोशल मीडिया पर मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह की सादगी और पार्टी नेतृत्व के एक बार कह देने पर सीएम पद छोड़ देने के डाउन टू अर्थ रवैए को लेकर काफी तारीफ़ की जा रही है।

एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने खुद को पहले ही सीएम पद की रेस से बाहर कर लिया था। शिवराज सिंह पार्टी आलाकमान को मनाने के लिए दिल्ली तक नहीं गए। 

वहीं चुनाव प्रचार के दौरान शिवराज सिंह चौहान ये कहते हुए भी दिखे थे, कि ऐसा भइया नहीं मिलेगा चला जाउंगा तो बहुत याद आउंगा। 

सोशल मीडिया पर शिवराज सिंह ने जो विनम्रता और सहजता दिखाई है उसे लेकर ये कहा जा रहा है, कि देश में ऐसे ही नेताओं की ज़रूरत है।

अपने X हैंडल पर एक यूजर ने लिखा है, 

कांग्रेस को कई शिवराज सिंह चौहान की ज़रूरत है, जो अपने बलबूते पर राज्य जीताकर लाए और केन्द्रीय नेतृत्व के कहने पर मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ दे। देश की सबसे पुरानी पार्टी में पद के लिए ऐसे त्याग की भावना का अभाव दिखता है।

यहां तक कि विचारधारा के विरोधी भी शिवराज सिंह चौहान की विनम्रता की प्रशंसा कर रहे हैं।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस भी की। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि पार्टी ने संतोष के साथ अच्छी सरकार और अच्छे नेतृत्व का निर्णय लिया है। उन्हें सौंपकर हम आगे की यात्रा शुरू करेंगे।' एक समर्पित पार्टी कार्यकर्ता के रूप में मैंने हमेशा कहा है कि भारतीय जनता पार्टी मेरे लिए एक मिशन है। मैं आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझे जनता की सेवा करने का मौका दिया। समय-समय पर मार्गदर्शन भी दिया।