मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सारे कयास फेल रहे। सोमवार को विधायक दल की बैठक में शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे मोहन यादव को मुख्यमंत्री के पद के लिए मनोनीत किया जा चुका है। मुख्यमंत्री के नाम  पर कयासों के फेल होने के बाद प्रदेश में अब मोहन यादव की नई केबिनेट को लेकर अटकलों का दौर जारी है।

सोशल मीडिया के साथ सियासी पंडित भी मंत्रिमंडल के संभावित चेहरों को लेकर गुणा-भाग लगा रहे हैं।  इस नई केबिनेट में कौन-कौन से नाम शामिल हो सकते हैं और क्यों शामिल हो सकते हैं इन पर तर्क वितर्क चल रहे हैं।

कयासों में अब तक CM  मोहन यादव की जो संभावित केबिनेट सामने आई है वो कुछ इस तरह से है-

जगदीश देवड़ा DCM
राजेंद्र शुक्ला DCM
रामेश्वर शर्मा 
कृष्णा गौर 
विष्णु खत्री 
मालिनी गौड़ 
रमेश मेंदोला 
तुलसी सिलावट 
राकेश सिंह 
अजय विश्नोई 
अशोक रोहानी 
अर्चना चिटनीस
ललिता यादव
संपतिया उइके
गायत्री राजे पवार 
राजेश सोनकर
प्रीतम लोधी 
प्रद्युम्न सिंह तोमर 
मोहन सिंह राठौर 
नारायण कुशवाह
राजेंद्र पांडे
जयंत मलैया
ललिता यादव
हरिशंकर खटीक
शैलेंद्र जैन
प्रदीप लारिया 
हेमंत खंडेलवाल 
डॉ. प्रभुराम चौधरी 
करण सिंह वर्मा 
सुरेंद्र पटवा 
रीति पाठक 
दिव्यराज सिंह 
संजय पाठक
संपतिया उइके 
उदय प्रताप सिंह 
सीता शरण  शर्मा 
एदल सिंह कंसाना

इन नामों को नई केबिनेट में जगह देने को लेकर खूब चर्चा है। हालांकि प्रदेश में सीएम फेस को लकर भी काफी कयास लगाए जा रहे थे लेकिन अचानक से मोहन यादव का नाम सामने आने के बाद सारे के सारे कयास धरे के धरे रह गए थे।  प्रदेश में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रहलाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय और वी. डी शर्मा को सीएम पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन सीएम पद के लिए मोहन यादव के नाम की घोषणा करके बीजेपी ने सबको चौंका दिया।

अब देखना यह है कि क्या CM फेस की तरह मोहन यादव का मंत्रिमंडल इन अटकलों पर कितना खरा उतरता है या भाजपा आलाकमान मंत्रिमंडल के नामों पर भी प्रदेश और सियासी पंडितों  को हैरान कर देगा?