बैतूल में बोरवेल में गिरे बच्चे तन्मय को बाहर तो निकाल लिया गया है लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। चार दिन से ज्यादा चले राहत-बचाव कार्य के बाद भी तन्मय को बचाया नहीं जा सका। रात करीब ढाई बजे जब तन्मय को बोरवेल से बाहर निकाला गया तो उसकी मौत हो चुकी थी।
तन्यम के शव को बाहर निकालने के बाद अस्पताल भेज दिया गया है। पथरीली जमीन होने के कारण रेस्क्यू टीम को चार दिन से ज्यादा का समय लग गया जिसके कारण तन्मय को नहीं बचाया जा सका। मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तन्मय की मौत पर शोक जताया है साथ ही परिवार को चार लॉक रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही है।
उन्होंने ट्वीट किया- त्यंत दुखद है कि बैतूल के मांडवी गांव में बोरवेल में गिरे नन्हे तन्मय को प्रशासन के अथक प्रयासो के बाद भी नहीं बचाया जा सका। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं। दुःख की इस घड़ी में तन्मय का परिवार स्वयं को अकेला न समझे, मैं और संपूर्ण मध्यप्रदेश परिवार के साथ है। राज्य सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता दी जायेगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। विनम्र श्रद्धांजलि!
गौरतलब है कि 6 दिसंबर को तन्मय खेलने के दौरान खुले बोरवेल में गिर गया था। बच्चे को बाहर निकालने के लिए खुदाई करने वाली बड़ी मशीनें प्रशासन द्वारा लगवाई गई और बोरवेल के बगल में एक और गढ्ढे की खुदाई की गई। बोरवेल से बाहर निकाला गया तन्यम चार दिन से ज्यादा समय से 400 फीट गहरे बोरवेल में 55 फीट पर फंसा हुआ था।
जिला प्रशासन के मुताबिक़ तन्मय को जब बोरवेल से बाहर निकाला गया तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। बच्चे के पिता ने बताया कि, तन्मय के बोरवेल में गिरने के बाद वो दौड़कर वहां पहुंचे थे तब बच्चे की सांस चल रही थी। पिता ने बताया कि, उन्होंने बच्चे की आवाज भी सुनी थी।