पूछताछ तक ही सीमित पूर्व वन मंत्री शाह की चिकन पार्टी की जांच


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स्टोरी हाइलाइट्स

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व वाले जंगल में शाह ने दी थी पार्टी..!!

पूर्व वन मंत्री एवं भाजपा विधायक विजय शाह की चिकन पार्टी वाली जांच केवल पूछताछ तक सिमटकर रह गई है। अधिकारी इससे आगे की कार्रवाई ही नहीं कर रहे हैं। पूछताछ के नाम पर केवल 5 से 6 वन कर्मियों को ही बार-बार परेशान किया जा रहा है। इतना ही नहीं, मामले की जांच को जिस हिसाब से किया जा रहा है, उससे कई तरह के सबूत के मिटने की आशंका बढ़ गई है। 

पूरे मामले में बड़े अधिकारी हाथ डालने से बच रहे है। केवल जांच के नाम पर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर संदीप फैलोज को उलझा दिया है, जिनके अधिकार क्षेत्र में जांच आती ही नहीं है। सबसे पहले 19 दिसंबर को यह मामला सामने आया था तब से लेकर आज 22 दिसंबर है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर रिजर्व प्रबंधन व मप्र वन विभाग एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा है।

कार्रवाई इसलिए नहीं
वन्यप्राणी मामलों के जानकारों का कहना है कि यही चिकन पार्टी किसी आम कर्मचारी या नागरिक ने की होती तो रिजर्व प्रबंधन से लेकर मप्र शासन कड़ी कार्रवाई कर देता लेकिन पार्टी पूर्व वन मंत्री एवं भाजपा के कद्दावर नेता विजय शाह के नेतृत्व में हो रही है इसलिए कार्रवाई नहीं की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि विभागीय मंत्री रह चुके शाह को यह शोभा नहीं देता, तब भी बाघ मूवमेंट वाले इलाके में इस तरह पार्टी की और खुद ही वीडियो भी बनाया, यह अपराध की श्रेणी में आता है। इस संबंध में कार्रवाई होनी ही चाहिए। इसमें कोई ढिलाई नहीं दी जानी चाहिए।