मध्य प्रदेश के विदिशा में 60 फीट गहरे के बोरवेल में गिरे आठ साल के बच्चे की 22 घंटे तक संघर्ष करने के बाद मौत हो गई है। विदिशा जिले के खरखेड़ी गांव में मंगलवार को खेलते समय लोकेश नाम का बालक एक खेत में खुले बोरवेल में गिर गया था। 22 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलने के बाद भी दुर्भाग्य से उसे नहीं बचाया जा सका।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना पर खेद व्यक्त करते हुए दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने ट्वीट करते हुए लिखा-
अत्यंत दु:खद है कि विदिशा के खेरखेड़ी गांव में बोरवेल में गिरे बेटे लोकेश को अथक प्रयासों के बाद भी नहीं बचाया जा सका। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं। ।। ॐ शांति ।।
दुःख की इस विकट घड़ी में सरकार शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है। हमने तय किया है कि राज्य सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता दी जायेगी। दोषियों पर उचित कार्रवाई भी करेंगे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
कल से रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं स्थानीय प्रशासन के सभी साथियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया, इसके लिए आभार। @NDRFHQ
आपको बता दें, कि लड़के की पहचान दिनेश अहिरवार के पुत्र लोकेश (8) के रूप में हुई है। वह खेत में खेल रहा था, तभी सुबह करीब 11 बजे वह खुले बोरवेल में गिर गया, तभी वह दुर्घटनावश बोरवेल में गिर गया था।
बुधवार सुबह करीब 11.45 बजे रेस्क्यू टीम ने लड़के को बोरवेल से बाहर निकाला और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने देखने के बाद लड़के को मृत घोषित कर दिया।