MP Cabinet: कुलपति अब कुलगुरु: कैबिनेट की बैठक में फैसला


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स्टोरी हाइलाइट्स

कैबिनेट ने विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, विश्वविद्यालय के कुलपति को अब कुलगुरु कहा जाएगा..!!

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कई अहम फैसले किए गए। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने प्रेस ब्रीफिंग में कैबिनेट की बैठक में लिए गए फ़ैसलों की जानकारी दी।

कैबिनेट द्वारा लिए गए फ़ैसलों में प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कुलपति का पद अब कुलगुरु कहलाएगा। इसके साथ ही अगले वित्तीय वर्ष के लिए नई आबकारी नीति को भी मंजूरी दे दी गई है। कैबिनेट में बुधवार को विधानसभा में पेश होने वाले अनुपूरक बजट और अंतरिम बजट (लेखानुदान) समेत कई अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई।

कैबिनेट ने अगले वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी । इसके तहत इस बार शराब की दुकानों की नीलामी पिछले अनुबंध मूल्य से 15% अधिक कीमत पर की जाएगी। दुकानें तभी दोबारा आवंटित की जाएंगी जब शराब दुकान के ठेकेदारों द्वारा कुल दुकानों में से 75% दुकानें नवीनीकरण के लिए तैयार होंगी। ऐसा नहीं होने पर शराब की दुकानों की दोबारा नीलामी की जायेगी। इसके अलावा धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक स्थलों और शराब की दुकानों की दूरी पहले की तरह तय की जाएगी।

कैबिनेट ने विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। विश्वविद्यालय के कुलपति को अब कुलगुरु कहा जाएगा। फैसले पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल की सहमति मिलने के बाद उन्होंने कहा कि लोग कुलपति के नाम का मजाक उड़ाते हैं, इसलिए शिक्षकों का सम्मान करने वाले हमारे देश की संस्कृति के अनुसार कुलपति का नाम बदलकर कुलगुरू किया जाएगा। प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट में लाकर मंजूरी दी जायेगी। हालाँकि, यह निर्णय उस समय लागू नहीं हो सका और डेढ़ साल तक प्रस्ताव कैबिनेट में नहीं आने के कारण इसे आदेश में नहीं बदला जा सका। वहीं विश्वविद्यालय के कुल सचिव अब कुलपति कहलाएंगे।

16वीं विधानसभा का बजट सत्र बुधवार से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में सरकार फरवरी और मार्च के वित्तीय व्यय के लिए अनुपूरक बजट लाने जा रही है। कैबिनेट बैठक में अनुपूरक बजट को मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा कैबिनेट ने अप्रैल से जुलाई तक के राजस्व और व्यय के लिए अगले अंतरिम बजट को भी मंजूरी दे दी है।

इसके साथ ही कैबिनेट में फैसला लिया गया है कि हर साल की तरह इस बार भी किसानों को जीरो फीसदी ब्याज दर पर कर्ज दिया जाएगा। इसके साथ ही राज्य में बाल संरक्षण इकाई द्वारा एक हेल्पलाइन सेवा शुरू करने का भी निर्णय लिया गया। प्रदेश में बाल संरक्षण इकाई हेल्पलाइन सेवा  के  लिए संविदा पर स्टाफ की तैनाती की जाएगी।