इंदौर पुलिस ने सिटीजन कॉप के साथ मिलकर एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाते ही अपराधी का सारा बायोडाटा सामने आ जाएगा। इस तकनीक से खुलेआम घूम रहे अपराधियों में ख़ौफ पैदा होगा और वह आसानी से पकड़े जा सकेंगे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी नवाचार के लिए इंदौर पुलिस की सराहना कर बधाई दी है। इसे पुलिस की कार्यप्रणाली को बेहतर और दक्ष बनाने की दिशा में प्रभावी कदम माना जा रहा है। सिटीजन कॉप द्वारा विकसित तकनीक में बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाते ही अपराधी के सभी रिकॉर्ड सामने आएंगे।
ऐसे में वे पुलिसकर्मी जो अपराधी को नहीं पहचानते हैं, वे भी उसे पहचान कर पकड़ सकेंगे। चेकिंग प्वाइंट पर खड़े पुलिसकर्मी, किसी भी संदिग्ध व्यक्ति का बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगवाकर उस संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर सकेंगे। संभवत: यह पूरे देश में अपनी तरह की एक नई पहल है।
लगभग 9 महीने तक सफलतापूर्वक ट्रायल करने के बाद अब इंदौर के सभी पुलिस थानों और क्राइम ब्रांच को कुल 40 क्रिमिनल ट्रैकिंग बायोमैट्रिक मशीन प्रदान की गई है। इस तकनीक के तहत जैसे-जैसे डेटा बढ़ता है, यह सभी थाना कर्मचारियों और यहां तक कि यातायात अधिकारियों को भी उल्लंघनकर्ताओं और संदिग्ध व्यक्तियों के आपराधिक इतिहास को ट्रैक करने और उनका पता लगाने में मदद करेगा। इस तकनीक से खुलेआम घूम रहे अपराधियों में दहशत पैदा होगी। अपराधी शहर में खुलेआम घूमने से डरेंगे, जिससे अपराध पर भी काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा।