टाइगर रिजर्व उमरिया में बाघों ने एक हाथी का ही शिकार कर डाला। यह बेहद दुर्लभ मामला माना जा रहा है। इससे पहले कर्नाटक में ही ऐसा मामला सामने आया था। कल इस दो साल के हाथी का शव मिला। ये शव वन परिक्षेत्र पनपथा कोर के बीट चितरांव बड़वाह मूड़ा में मिला । शव के गले पर बाघों के दांतों, नाखूनों के गहरे निशान मिले, जबकि पिछला हिस्सा काफी हद तक गायब था। बांधवगढ़ के क्षेत्र संचालक राजीव मिश्रा के मुताबिक मप्र में हाथी को बाघ द्वारा मारकर खाने का ये संभवतः पहला मामला है। हाथी को घसीटा भी गया है। उसके बाघ से संघर्ष के निशान भी मिले हैं।
शरीर का पिछला हिस्सा खाया
बाघ ने हाथी पर हमला करने के बाद उसके शरीर के पिछले हिस्से को खा लिया है। शरीर का पिछला हिस्सा पूरी तरह से खत्म हो चुका था। एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया कि आमतौर पर बाघ हाथी पर हमला नहीं करता, लेकिन इस छोटे हाथी पर बाघ ने हमला करके उसे अपना शिकार बना लिया।
डॉक्टर बोले- रेयर टू रेयरिस्ट केस
शव का पीएम करने वाले वेटरनरी डॉक्टर का कहना है कि ये रेयर टू रेयरिस्ट कैस है। हाथी का कम से कम तीन बाघों ने मिलकर शिकार किया है। शिकार के बाद एक बाघ करीब एक घंटे वहीं बैठा रहा। चौकीदारों ने इसकी पुष्टि की है। यह भी कहा जा रहा है कि बांधवगढ़ में बाघ ज्यादा हैं और इन्हें इलाका कम पड़ रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि जिस छोटे हाथी पर बाघ ने हमला किया है संभवत वह अकेला रहा होगा।