कर्नाटक की तर्ज पर अब इंदौर में भी ट्रांसजेंडर क्लिनिक खोला जाएगा, ताकि किसी भी ट्रांसजेंडर को अपना लिंग बदलने में कोई दिक्कत न हो। इतना ही नहीं, इंदौर जिले में शीघ्र ही अल्पावास गृह की सुविधा भी प्रारंभ की जायेगी। ये निर्देश इंदौर कलेक्टर इलैयाराजा टी ने शुक्रवार को जिला ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की कार्यशाला के दौरान दिए। उन्होंने ट्रांसजेंडर नागरिकों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और सभी सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने की भी बात कही।
साथ ही कलेक्टर ने कहा कि यह कानून देश में ट्रांसजेंडरों के हितों की रक्षा के लिए लागू किया गया है। इस अधिनियम का अनुपालन जिला प्रशासन को करना होगा। दरअसल, इस कानून के तहत पहली कार्यशाला शुक्रवार को इंदौर जिले में आयोजित की गई। इंदौर जिला ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की इस बैठक में छत्तीसगढ़ ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष विद्या राजपूत विशेष रूप से उपस्थित रहीं और संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
कार्यशाला का उद्देश्य सभी सरकारी विभागों को अधिनियम के प्रावधानों के बारे में जागरूक करना था, ताकि अधिकारी ट्रांसजेंडरों को उनके अधिकार दिलाने के लिए संवेदनशीलता से काम कर सकें। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष विद्या राजपूत ने ट्रांसजेंडरों के लिए बनाए गए कानून के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने सभी सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर ट्रांसजेंडरों के लिए अलग शौचालय की मांग की। उन्होंने कहा कि साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ट्रांसजेंडरों को भी योजना का लाभ मिलना चाहिए।
बैठक में पारंपरिक किन्नरों को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन उनका कोई भी प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुआ। कलेक्टर इलैयाराजा टी ने किन्नरों की सभी समस्याएं सुनने के बाद सामाजिक न्याय विभाग को आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए। कलेक्टर के मुताबिक इंदौर में ट्रांसजेंडर क्लीनिक खोलने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसे बच्चों के लिए अल्पावास गृह की सुविधा पर भी विचार किया जाएगा जिन्हें परिवार द्वारा स्वीकार नहीं किया जाता है।
ट्रांसजेंडर विद्या राजपूत के मुताबिक, इंदौर जिला प्रशासन के साथ पहली बैठक सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए हमारी सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। कलेक्टर ने सरकारी भवन के नये निर्माण में ट्रांसजेंडरों के लिए अलग से यूरिनल की सुविधा बनाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय में भी ट्रांसजेंडरों के लिए मूत्रालय बनाने के भी निर्देश दिये।