भोपाल: कर्नाटक विधानसभा चुनाव चलिए कांग्रेस हाईकमान ने मप्र के तीन नेताओं को पर्वेक्षक बनाया है। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के पर्यवेक्षक बनाए जाते समय प्रदेश के जिन नेताओं को शामिल किया गया है, उनमें कमलनाथ-दिग्विजय दोनों के समर्थक शामिल हैं। इसके अलावा मप्र के प्रभारी महासचिव जयप्रकाश अग्रवाल ने भी अपनी तरफ से एक सिफारिश की। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए हाईकमान ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के तीन नेताओं को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी है। इनमें उमंग सिंघार, बाला बच्चन, और जीतू पटवारी है, जो कमलनाथ सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
हाईकमान की पसंद उमंग सिंघार
मध्य प्रदेश में दबंग नेता उमंग सिंघार आज भी हाईकमान की पसंद है। पिछले दिनों एक अपराधिक प्रकरण में फंस जाने के बाद बड़े नेताओं की वजह से अग्रिम जमानत में दिक्कतों का सामना करने वाले सिंघार को लेकर यह कहा जा रहा है कि उनके लिए प्रदेश प्रभारी जयप्रकाश अग्रवाल ने भी सिफारिश की थी। उमंग सिंघार पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी के नजदीकी माने जाते हैं। इसके पहले सिंघार को हिमाचल प्रदेश के चुनाव के दरमियान स्क्रीनिंग कमेटी का मेंबर बनाया गया था। सिंघार ने जिन टिकटों की सिफारिश की थी, उनमें से 92% प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। हालांकि घरेलू विवाद में उलझे होने के कारण हिमाचल चुनाव में कांग्रेस को मिली सफलता के श्रेय से दूर हो गए थे।
बाला बच्चन कमलनाथ समर्थक
बाला बच्चन निर्विवाद रूप से कमलनाथ समर्थक हैं जो विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष भी रहे और कमलनाथ सरकार में गृह मंत्री बनाए गए। उन्हें कमलनाथ ने जब पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने का विचार आया तो चार में से एक बाला बच्चन ही थे। बाला बच्चन एआईसीसी में सचिव भी रह चुके हैं।
दिग्विजय समर्थक माने जाते हैं जीतू पटवारी
जीतेंद्र जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह समर्थक माने जाते हैं और इन दिनों वे कमलनाथ की पसंद नहीं माने जा रहे हैं। विधानसभा में उन्हें बजट सत्र में सदन के भीतर की गई एक टिप्पणी के लिए सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस ने विधानसभा में किसी भी रूप में नहीं उठाया जिससे वे सत्र समाप्ति तक निलंबित ही रहे।