भोपाल से इंदौर व रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से जबलपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को रोज 50 फीसद भी यात्री नहीं मिल रहे हैं। यह हाल 27 जून से बने हुए हैं। मुश्किल से इन ट्रेनों को कभी 20 तो कभी 35 फीसद यात्री ही मिल रहे हैं जबकि प्रत्येक ट्रेनों के एसी चेयर कार में 478 एग्जीक्यूटिव श्रेणी में 52 बर्थ है ।
दोनों ही ट्रेनों का किराया आने वाले दिनों 20 से 25 फीसद तक कम हो सकता है। रेलवे बोर्ड की ओर से कहा गया है कि जिन ट्रेनों के एसी चेयर कार और एग्जीक्यूटिव श्रेणी में 1 महीने तक 50 प्रतिशत तक या उससे कम बर्थ बुक होती है तो ऐसी स्थिति में मूल किराये में 25 प्रतिशत तक की कमी की जाएगी।
यदि इन ट्रेनों में एक महीने तक बुकिंग की स्थिति यही रही तो रेलवे बोर्ड किराया कम करने के संबंध में विचार करेगा। अभी इन ट्रेनों को चलने में एक महीने का समय नहीं हुआ है। ये दोनों ट्रेनें नियमित सेवा के तहत 28 जून से चल रही हैं।
इन ट्रेनों का किराया नहीं होगा कम : भोपाल से खजुराहो के बीच चल रही महामना एक्सप्रेस भी मंडल की सीटिंग रैक से चलने वाली ट्रेन है लेकिन यह हमेशा फुल रहती है। कई बार तो इसमें पैर रखने की भी जगह नहीं होती है। इसलिए इस ट्रेन में किराया कम होने का सवाल नहीं है लेकिन रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से जबलपुर के बीच चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस के विस्टाडोम कोच का किराया कम हो सकता है, इस कोच में आए दिन कम यात्री सफर कर रहे हैं।