भोपाल: प्रदेश में वाहनों जिनमें बस, ट्रक, टैक्सी, आटो रिक्शा भी शामिल हैं, की फिटनेस अब निजी क्षेत्र देगा। इसके लिये राज्य सरकार ने शनिवार को परिवहन आयुक्त को निजी क्षेत्र को आटोमेटेड फिटनेस सेंटर खोलने के लिये मंजूरी देने के लिये रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त कर दिया।

उल्लेखनीय है कि निजी क्षेत्र को आटोमेटेड फिटनेस सेंटर खोलने के लिये केंद्र सरकार ने दो साल पहले केंद्रीय मोटरयान संशोधन नियम 2021 जारी किये थे। इन पर अमल करते हुये राज्य सरकार ने यह कार्यवाही की है। राज्य सरकार ने परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव को अपीलीय अधिकारी के रुप में भी नियुक्त किया है।

ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार ने आगामी 1 अप्रैल से निजी क्षेत्र के माध्यम से ही आटोमेटेड फिटनेस सेंटर चलाये जाने का प्रावधान किया हुआ है। परन्तु देश में महाराष्ट्र एवं गुजरात में ही निजी क्षेत्र यह सेंटर बना रहा है तथा 90 प्रतिशत अन्य राज्यों में ये सेंटर अभी बनना शुरु नहीं हुये हैं।

मप्र में रजिस्ट्रीकरण की शुरुआत तो की गई है तथा कुछ आवेदन भी आये भी हैं परन्तु ये 1 अप्रैल तक शुरु नहीं हो पायेंगे क्योंकि इनकी स्थापना में आठ से दस करोड़ रुपये लागत आती है। इसलिये केंद्र सरकार 1 अप्रैल की तिथि को आगे बढ़ायेगा। इन निजी सेंटरों में बड़े बाहनों की फिटनेस दर 1200 रुपये प्रति वाहन होगी जबकि छोटे वाहनों की फीस 600 रुपये होगी। यह कार्य शुरु होने पर आरटीओ कार्यालयों का फिटनेस संबंधी भार हल्का हो जायेगा।