इंदौर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में बावड़ी की छत धंसने से हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है। पुलिस और प्रशासन द्वारा रेसक्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार सुबह  इंदौर पहुंचे और घायलों के साथ मृतकों के परिजनों के बीच भी पहुंचे। 

सीएम शिवराज ने निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में जहां ऐसे कुएं और बावढ़ी हैं जो ढंके गए है उनकी जांच की जाए, ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। वहीं जो बोरवेल खुले रह गए हैं उनकी भी जांच के निर्देश दिए गए। सीएम शिवराज ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मैं स्वयं भी रातभर बैठकर रेस्क्यू ऑपरेशन टीम और प्रशासन के संपर्क में था। घटना की मजिस्ट्रियल जांच होगी। पुलिस ने प्रकरण भी पंजीबद्ध कर लिया है। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह शुक्रवार सुबह इंदौर आए। वे विमानतल से सीधे निजी अस्पताल पहुंचे, जहां घायलों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने मरीजों से उनकी तबीयत का जायजा लिया और इलाज के बारे में जानकारी ली। उन्होंने घायलों के परिजनों से भी मुलाकात की। बाद में वे घटनास्थल पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने घटना पर दुःख जताने के साथ पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि विपदा की इस घड़ी में समूचा शासन – प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। उन्हें हरसंभव मदद मुहैया कराई जाएगी।

इधर इंदौर के डीएम ने बताया कि सेना के करीब 75 जवान बचाव कार्य में लगे हुए हैं। NDRF और SDRF की टीमें तैनात हैं। कुआं काफी पुराना और गहरा था जिससे बचाव कार्य में समय लग रहा था। पानी लगातार आ रहा था जिसे हटाया जा रहा है।

इससे पहले गुरुवार को राज्य सरकार ने दुर्घटना की जांच के आदेश दिए थे। इसके साथ ही सरकार ने मुआवजे का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इस घटना में मरने वालों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी। घायलों को मुफ्त इलाज के साथ ही 50 हजार रुपये की सहायता राशि भी दी जाएगी।

गौरतलब है कि इंदौर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में 50-60 फीट गहरे पानी से भरी बावड़ी की छत गिरने से रामनवमी का जश्न मातम में बदल गया और उस पर बैठे कई लोग गिर पड़े। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला और बचाव दल मौके पर पहुंच गया और कुएं में गिरे लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया था।