भोपाल. मध्यप्रदेश की बिजली कंपनियों के सभी इंजीनियर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं. ये सभी इंजीनियर अपने मोबाइल फोन भी बंद रखेंगे. इंजीनियर वेतन जारी करने की मांग कर रहे हैं. .हड़ताल पर जा रहे इंजीनियरों का विरोध इस बात पर है कि उनके काम के मूल्यांकन का आधार कोई सर्टिफिकेट कैसे हो सकता है. इंजीनियरों ने मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम के बैनर तले 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है. इंजीनियरों ने कहा है उनके काम का मूल्यांकन एक सर्टिफिकेट के आधार पर किया जा रहा है जोकि पूरी तरह गलत है. इसी को आधार पर बिजली कंपनी ने इंजीनियरों का वेतन रोक दिया है. इंजीनियरों ने भी अब कंपनी से कर्मचारियों और संसाधनों की कमी का सर्टिफिकेट मांग लिया है. मध्य क्षेत्र कंपनी में आने वाले सभी इंजीनियर हड़ताल के दौरान अपना मोबाइल बंद रखेंगे.
इधर मंगलवार को मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम के पदाधिकारियों ने मध्य क्षेत्र कंपनी प्रबंध संचालक से मीटिंग की थी. फोरम के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद भी प्रबंध संचालक ने वेतन देने से मना कर दिया. वेतन 2022 का आधार सर्टिफिकेट को बनाया गया है. मध्य प्रदेश यूनाइटेड फोरम के पदाधिकारियों ने बताया कि कंपनी में संसाधनों और कर्मचारियों की लगातार कमी बनी हुई है. अधिकारी-कर्मचारी लगातार रिटायर हो रहे हैं लेकिन उनकी जगह नये नियमित कर्मचारियों की भर्ती नहीं की जा रही है. मैदानी क्षेत्रों से बिजली कर्मियों एवं संसाधनों की कमी को दूर करने की मांग उठती रहती है.